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कितनी कॉलोनियां अवैध? जल्द खुलेगा राज
On 9/21/2013 6:56:07 PM

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भोपाल। बिना डायवर्सन व एनओसी के कृषि भूमि पर प्लॉट काटकर बेचने वालों पर अब एक और पहाड़ टूटने वाला है। उनके द्वारा प्लॉट काटकर बनाई जा रही कॉलोनियों को अवैध की सूची में रखा जाएगा। यहीं नहीं इस सूची को विज्ञापन के तौर पर अखबारों में प्रकाशित कर आम जनता को सचेत भी किया जाएगा कि नवीन निíमत हो रही यह कॉलोनियां अवैध हैं। यहां पर प्लॉट या मकान न खरीदें। इसको लेकर हुजूर एसडीएम ने तैयारी शुरू कर दी है। जल्द ही हुजूर क्षेत्र में बनी और बनाई जा रही अवैध व वैध कॉलोनियों के राज खुल जाएंगे।
किसको अनुमति मिली, किसको नहीं
आचार संहिता लागू होने से पहले अवैध व वैध कॉलोनियों की सूची को प्रकाशित कराने की तैयारी में जुटे हुजूर एसडीएम का कहना है कि इस सूची से सामने आएगा कि विकसित व विकासशील कौन से कॉलोनी के पास सभी अनुमतियां हैं और किसके पास नहीं। इसके अतिरिक्त यह भी सामने आएगा कि किस कॉलोनी में लोग प्लॉट खरीद सकते हैं और किसमें नहीं। इससे लोग ठगे भी नहीं जा सकेंगे। जो अवैध कॉलोनियां सामने आएंगी उनके प्लॉटों के नामांतरण भी नहीं किए जाएंगे, जब तक वह पूरी अनुमतियां नहीं ले लेते।

अवैध कॉलोनी का निर्माण रोकने निकाला नया रास्ता
अधिकारियों की माने तो सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एसडीएम कोर्ट द्वारा अवैध कॉलोनियों के प्लॉट्स की रजिस्ट्री पर जो रोक लगाई थी, वह समाप्त हो गई है, क्योंकि कोर्ट ने निर्देश में कहा है कि स्टांप अधिनियम के तहत रजिस्ट्री पर रोक लगाने का अधिकार किसी को नहीं है। इसके चलते वर्तमान में पंजीयन कार्यालय में अवैध रूप से निर्मित हो रही कॉलोनियों में कम कीमत में खरीदे गए प्लॉटों की अटकी पड़ी रजिस्ट्रियां धड़ल्ले से हो रही है। हालांकि नामांतरण पर रोक अभी भी होने के कारण, जमीन का नामांतरण नहीं हो पा रहा है। अब इन अवैध कॉलोनियों के विकास को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने यही नया रास्ता निकाला है। जब आम जनता के सामने आ जाएगा कि कौन सी कॉलोनी वैध है और कौन सी अवैध, तो वह स्वत: ही वैध कॉलोनी में प्लाट या मकान लेने का प्रयास करेंगे। यहीं नहीं कॉलोनाइजर व बिल्डर भी नवीन कॉलोनी विकसित करने से पहले सभी अनुमतियां लेकर वैध कॉलोनी ही बनाने का प्रयास करेंगी।

56 से अधिक कॉलोनियों पर लगाई रोक
कृषि भूमि पर छोटे-छोटे प्लॉट काटकर कॉलोनी विकसित करने वाले कॉलोनाइजर बिना डायवर्सन व अनुमतियों के ही कार्य कर रहे थे। इस पर शिकंजा कसते हुए तत्कालीन एसडीएम ने इनके निर्माण कार्य पर रोक लगाने के साथ-साथ प्लॉट की रजिस्ट्री व नामांतरण पर भी रोक लगा दी थी। पिछले दो साल में 26 गांवों की ऐसी करीब 56 अवैध कॉलोनियां इस सूची में शामिल हैं, जिनके नामांतरण व रजिस्ट्री पर रोक लगाई गई है। यह 56 कॉलोनियां करीब 2000 एकड़ भूमि पर बनाई जा रही थीं। इस रोक के बाद अभी तक एक भी कॉलोनाइजर ने सभी अनुमतियां प्राप्त नहीं की हैं।

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