मुंबई आतंकी हमले के मुख्य अभियुक्त अजमल कसाब को सीधे सजा देने की बजाय उसे निष्पक्ष मुकदमे में अपनी बात रखने का अवसर देने को गर्व की बात बताते हुए सरकार ने कहा कि यह दर्शाता है कि भारत एक सभ्य देश है और कानून के शासन से चलता है। आतंरिक सुरक्षा पर मुख्यमंत्रियों की बैठक के समापन पर गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने यहां सवालों के जवाब में कहा कि कसाब पर किसी ''कंगारू अदालत' में मुकदमा चला कर सजा देने की बजाय निष्पक्ष अदालत में उसे उसका पक्ष रखने का मौका देना भारत की मजबूती का परिचायक है, न कि कमजोरी का। उन्होंने कहा कि कसाब पर निष्पक्ष अदालत में मुकदमा चलाना यह दर्शाता है कि भारत एक सभ्य देश है, जहां कानून का शासन है। उनसे सवाल किया गया था कि जब यह पक्का है कि कसाब ने मुंबई आतंकी हमले में भाग लिया तो उसे सजा देने में विलंब क्यों किया जा रहा है? जिस पर चिदंबरम ने कहा कि मुझे इस बात पर गर्व है कि भारत में एक आतंकी को भी निष्पक्ष मुकदमे के जरिए उसकी बात रखने का अवसर दिया जाता है।
|