हैदराबाद । आंध* प्रदेश की हाईकोर्ट ने सोमवार को एक क्रांतिकारी फैसला देते हुए शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी नौकरियों में मुस्लिमों को दिये जा रहे आरक्षण को रद्द कर दिया है। अदालत की सात सदस्यीय बेंच ने बहुमत के आधार पर मुस्लिम कोटा बिल निरस्त करने का फैसला किया। सात जजों की विशेष बेंच में पांच जज आरक्षण को रद्द करने के पक्ष में थे। माना जा रहा है कि हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। गौरतलब है कि राज्य में अभी तक सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में मुस्लिमों को 4 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा था। अदालत के आदेश के तुरंत बाद मुख्यमंत्री के रोसैया ने राज्य के महाधिवक्ता डीएसआर मूर्ति को आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल करने का निर्देश दिया है। उन्होंने एक बयान में कहा कि राज्य सरकार राज्य के पिछडे मुस्लिम समुदाय को चार फीसदी आरक्षण देने को प्रतिबद्ध है।
राज्य सरकार ने मुस्मिल अल्पसंख्यकों की 15 बिरादरियों को सरकार नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में चार प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया था, जिसे हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी। हालांकि, कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि वर्ष 2007 में इस बिल के तहत की गई छात्रों की भर्ती को अवैध नहीं ठहराया जाएगा। अदालत ने अपने आदेश में राज्य के कानून और 2007 में सरकार के आदेश को खारिज कर दिया था, जिसने शैक्षणिक संस्थानों और नौकरियों में मुस्लिम समूहों को चार फीसदी आरक्षण दिया था। इससे पहले आंध* प्रदेश कमीशन फार बैकवर्ड क्लासेस की एक रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार ने विधानसभा में एक विधेयक लाया था, जिसे सदन ने मंजूरी दे दी थी।
आरक्षण पर बैठक 10 को
नई दिल्ली। नेशनल मूवमैंट फॉर मुस्लिम रिजर्वेशन के संयोजक सैयद शहाबुद्दीन ने पूर्व न्यायाधीश रंगनाथ मिश्र आयोग की रिपोर्ट पर संसद में बहस कराने और उसमें मुसलमानों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने की सिफारिश को लागू करने की मांग की है। सैयद शाहबुद्दीन ने सोमवार को रंगनाथ मिश्र आयोग की रिपोर्ट को ऐतिहासिक बताते हुए उनकी प्रशंसा की, पर इस बात पर रोष व्यक्त किया कि इस रिपोर्ट को संसद में पेश करने में सरकार ने 2.5 वर्ष लगा दिया और इसे लागू करने की कोई योजना भी पेश नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि उनकी इस मांग को जनता दल (यू),जनता दल (एस), वामदलों और डीएमके सहित अनेक राजनीतिक दलों का समर्थन प्राप्त है तथा उन्होंने 10 फरवरी को स्थानीय लोधी रोड स्थित इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में इस मुद्दे पर आम सहमति और कार्य योजना तैयार करने के लिये सक्रिय कार्यकर्ताओं की एक बैठक बुलाई है। पहली सभा की अध्यक्षता पूर्व न्यायाधीश सच्चर के सचिव एवं अर्थशास्त्री डा. अबू सालेह शरीफ करेंगे। दूसरी सभा की अध्यक्षता पूर्व केबिनेट सचिव जफर करेंगे। उन्होंने बताया कि बैठक में देश के विभिन्न राज्यों में सक्रिय मुस्लिम संस्थाओं के प्रतिनिधि, शिक्षाविद् और पत्रकार शामिल होंगे।
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