नागपुर। भारत पर भले ही पारी की हार का खतरा मंडरा रहा है लेकिन सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग को विश्वास है कि उनकी टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच को बचाने में सफल रहेगी। भारत की पहली पारी में अपना 18वां टेस्ट शतक जडने वाले सहवाग ने कहा कि आस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 में भी हमें फालोआन दिया गया था और हम मैच जीते थे। इस मैच में भी कुछ भी हो सकता है। सचिन तेंदुलकर अभी बल्लेबाजी कर रहे हैं और वह बहुत अनुभवी हैं। मुरली विजय भी अच्छी बल्लेबाजी कर रहा है। हमें मैच बचाने के लिए कडा संघर्ष करना होगा। उन्होंने कहा कि हम सभी अच्छी बल्लेबाजी नहीं कर पाने के कारण निराश हैं। हमें कुछ और अच्छी साझेदारियां चाहिए थी लेकिन हमें डेल स्टेन को श्रेय देना चाहिए जिन्होंने शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने सचिन तेंदुलकर और मुरली विजय (पहली पारी में) का विकेट हासिल करने के लिए स्विंग का अच्छा इस्तेमाल किया।
चाय के विश्राम के बाद जब गेंद बदली गई तो उन्हें अच्छा रिवर्स स्विंग मिला। सहवाग ने कहा कि गेंद कुछ नरम पड गई थी और अंपायर दक्षिण अफ्रीका के आग्रह पर गेंद बदलने पर सहमत हो गए जिसके बाद स्टेन ने 3.4 ओवर में पांच विकेट उखाडे। स्टेन ने इस पारी में 51 रन देकर पांच विकेट लिए। सहवाग का मानना है कि भारतीय बल्लेबाजों को दक्षिण अफ्रीका को जीत से वंचित करने के लिए रक्षात्मक रवैया अपनाने के बजाय रन बनाने पर भी ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि हमारे पास अब भी अच्छे बल्लेबाज हैं। उन्हें शाट्स भी खेलने चाहिए क्योंकि रन भी मायने रखते हैं। हम अधिक से अधिक समय तक बल्लेबाजी करने की कोशिश करेंगे। सहवाग ने बद्रीनाथ की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ बहुत अच्छा खिलाडी है। उसने घरेलू स्तर पर ढेर सारे रन बनाए हैं। मैंने उससे कहा कि वह अपनी बल्लेबाजी का लुत्फ उठाए और उसने अच्छा खेल दिखाया।
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