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बंद होंगे दो लाख मोबाइल फोन!
On 2/8/2010 10:45:22 PM

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ग्वालियर। शहर के लगभग दो लाख मोबाइल उपभोक्ताओं को जल्द ही जबरदस्त परेशानी झेलनी पड सकती है, क्योंकि नगर निगम ने दिल्ली और एनसीआर की तर्ज पर शहर में संचालित ऐसे मोबाइल टावरों के कनेक्शन काटने शुरु कर दिए है, जो निगम की बिना अनुमति ही कई महीनों से संचालित हैं और इनसे धेले भर की कमाई निगम को नहीं हो रही। यानि जल्द ही लाखों मोबाइल उपभोक्ताओं के मोबाइल केवल शो पीस बनकर रह जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि कुछ वर्षों में शहर में मोबाइल उपभोक्ताओं में कई गुना वृध्दि हुई है, परिणामस्वरूप मोबाइल सेवा प्रदान करने वाली कई कंपनियों ने यहां कुछ ज्यादा तेजी से पांव पसारना शुरु कर दिए हैं, जिसके चलत जहां कहीं मोबाइल टावर खडा करने की होड सी लग गई है, इसी का नतीजा है कि अब तक शहर में 270 टावर स्थापित किए जा चुके हैं, इनमें से 25 प्रतिशत से अधिक टावर ऐसे हैं, जिन्हे लगाने से पहले नियमानुसार कोई स्वीकृति निगम से हासिल नहीं की गई। देखा जाए तो इससे निगम के खाते में लाखों रुपए जमा हो जाने थे, लेकिन दूसरे रास्ते ही सब कुछ तय हो जाने के कारण निगम को धेला भी हासिल नहीं हुआ । देर से ही सही, लेकिन अब निगम कार्रवाई के मूड में आ गया है। यह अलग बात है कि गलती किसी की भी रही हो, लेकिन उसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना होगा।

सबसे आगे एयरटेल

यदि नगर निगम की मानें तो शहर में मोबाइल सेवा मुहैया कराने वाली कंपनियों की बात करें तो टावर खडा करने में एयरटेल अब्बल नंबर पर है, जबकि इसी के सबसे ज्यादा टावर अवैध रूप से खडे किए गए हैं। सर्वाधिक परेशानी भी इसी नेटवर्क का इस्तह्यमाल करने वाले उपभोक्ताओं को उठानी पड सकती है।

निगम भी कसूरवार

देखा जाए तो शहर में अवैध रूप से लगने वाले मोबाइल टावरों के मामले में निगम भी कम कसूरवार नहीं। किसी भी टावर को खडा करने में लंबा वक्त लगता है, तब यह नहीं हो सकता कि इसकी खबर निगम अधिकारियों को न हुई हो, लेकिन वक्त रहते कोई कार्रवाई नहीं की जाती। अन्यथा बाद में इस तरह कनेक्शन काटने की नौबत ही न आए।

50 हजार है जुर्माना

अवैध टावरों के लिए 50 हजार रुपए जुर्माना देकर कार्रवाई के झंझट से मुक्ति पाई जा सकती है। उधर निगम का शुल्क मात्र 20 हजार रुपए है, लेकिन टावर लगाने वाले कहते हैं कि निगम की प्रक्रि*या और बीच में जो कुछ होता है वह इतना कठिन है कि उसमें जुर्माने से ज्यादा खर्च हो जाता है, परेशानी होती है सो अलग।

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