भोपाल। नगर निगम के अतिक्रमण विरोधी अमले की वक्रदृष्टि आखिर हबीबगंज नाका स्थित झुग्गियों पर पड ही गई। देर से ही सही, लेकिन सीपीए द्वारा बनाई जा रही फोरलेन सडक के निर्माण में बाधा बनी करीब एक हजार से अधिक झुग्गियों और 52 दुकानों को हटाने के निर्णय पर अमल करते हुए ननि ने सोमवार को बुलडोजर चला दिया।
विस्थापन की इस कार्रवाई का विरोध करने वाले करीब चालीस लोगों के विरुद्ध मामला भी दर्ज किया गया। जिला प्रशासन एवं नगर निगम द्वारा की गई संयुक्त कार्रवाई में सुबह लगभग साढे 10 बजे विस्थापन की कार्रवाई शुरू हुई। इसी दौरान झुग्गीवासियों ने विरोध किया और एकजुट होकर मौके पर ही धरने पर बैठ गए और अमले पर पथराव भी किया।
स्थिति बिगडती देख प्रशासन के अमले के साथ तैनात पुलिस ने हल्का बलप्रयोग करते हुए उन्हें खदेडा और प्रशासन का बुलडोजर चल पडा।
दुकानों का नहीं ठिकाना
विस्थापन के दौरान हटाई जाने वाली दुकानों का सामान उठाने का मौका भी दुकानदारों को नहीं दिया। सुबह जैसे ही बुलडोजर शुरू हुआ तो उसने झुग्गियों के साथ दुकानों को भी तोड दिया, जबकि उनमें हजारों रुपए की सामग्री भरी पडी थी। दुकानदार घनश्याम मालवीय ने बताया कि अमले ने उन्हें संभलने का मौका भी नहीं दिया और सीधे दुकान पर बुलडोजर चला दिया, जिसमें करीब 26 हजार रुपए का सामान तहस-नहस तो गया।
कान्हासैया में किया विस्थापन
हबीबगंज क्षेत्र से हटाए जा रहे इन झुग्गीवासियों को भेल के कान्हासैया क्षेत्र में बसाया जा रहा है। जिला प्रशासन के प्रतिनिधि किशोर कान्याल ने बताया कि विस्थापित झुग्गीवासियों को शासन के वाहनों से सामान सहित कान्हासैया भेजा जा रहा है ताकि उन्हें अपनी गृहस्थी बसाने में मदद मिल सके। उन्होंने कहा कि नए विस्थापित स्थल पर जिन मूलभूत सुविधाओं की कमी है उन्हें शीघ्र मुहैया कराई जाएंगी।
रानी ने दिखाया रौद्र रूप
विस्थापन के कारण बेघर हुई झुग्गीवासी रानी ने रौद्र रूप दिखाते हुए प्रशासन को नतमस्तक होने पर विवश कर दिया। दरअसल रानी के पास न तो अन्य कोई ठिकाना था और ना ही आजीविका का साधन। सिर से छत छिनती देख रानी आक्रोशित हो गई और उस दीवार के नीचे बैठ गई, जिस पर बुलडोजर चलने वाला था। अंततः अमले को अपनी कार्रवाई रोकनी पडी। इस तरह फिलहाल रानी का आशियाना उजडने से बच गया। उधर विस्थापन की कार्रवाई में रोडा बने रवींद्र ओझा, बहादुर, ताज, इमरान समेत करीब चालीस लोगों के खिलाफ थाना बाग सेवनिया में मामला दर्ज किया गया है। |