ग्वालियर। महलगांव क्षेत्र में एक मकान की छत ढहने से आधा दर्जन से अधिक मजदूर मलबे में दब गए। बताया जाता है कि जिस मकान की छत ढही उसकी दूसरी मंजिल पर छत डल रही थी। घायलों में दो की हालत गंभीर बताई गई है, जिन्हें जयारोग्य में भर्ती करा दिया गया है।
जानकारी के अनुसार महलगांव इलाके के मरीमाता क्षेत्र में एक मकान की दूसरी मंजिल पर आरसीसी की छत डाली जा रही थी। छत डालने का काम तेजी से चल रहा था। अभी मजदूर काम में जुटे ही थे कि अचानक छत के सहारे के लिए लगाई गई एक बल्ली गिर पडी। बल्ली गिरते ही छत ढहकर नीचे आ गई। छत ढहने से जो मजदूर छत के ऊपर थे और कुछ छत के नीचे खडे हुए थे, छत के मलबे के नीचे दब गए। किसी तरह मलबे के नीचे दबे हुए मजदूरों को बाहर निकाला गया। बाद में मोहल्लेवासियों ने 1॰8 एम्बूलेंस को इसकी सूचना दी। एम्बूलेंस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मलबे में दबे हुए कुछ लोगों को बाहर निकालकर उन्हें प्राथमिक उपचार दिया, उसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया। बताया जाता है कि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हुए है। घायलों में दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मोहल्लेवालों ने निकाला
छत ढहने के बाद जैसे ही मलवे के नीचे मजदूरों के चीखने-चिल्लाने की आवाजें ंमोहल्लेवालों ने सुनी। वह तुरंत मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में लग गए। उन्होंने मजदूरों को एक-एक कर मलबे से बाहर निकाला और एम्बूलेंस में सवार किया। यदि मोहल्लेवाले आने में थोडी भी देरी करते तो किसी की जान भी जा सकती थी।
यह हुए घायल
घायलों में दौलतराम (23), महेश शाक्य (29), रामलाल बाथम (25), राजू गौड (32) और ध्यानचंद्र (58) शामिल है। इसके अलावा कुछ मजदूरों को मामूली चोटें आईं थीं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर रवाना कर दिया। |