नई दिल्ली । लोकसभा की कार्यवाही में बार बार बाधा पहुंचने से व्यथित अध्यक्ष मीरा कुमार ने सोमवार को कहा कि सदन की कार्यवाही सुचारू ढंग से सुनिश्चित करने के लिए पीठासीन सभापति के पास विभिन्न विकल्प होते हैं लेकिन वह कोई कडी कार्रवाई से बचते हैं क्योंकि लोकतंत्र में यह शोभा नहीं देता। मीरा कुमार ने संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा कि सदन को चलाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष के पास विभिन्न विकल्प होते हैं लेकिन उनका कभी इस्तेमाल नहंी किया गया क्योंकि यह अच्छा नहीं लगता। उन्होंने कहा कि यह भारत की संसद है, सभी सम्मानित सदस्य हैं और हम कोई कडी कार्रवाई नहीं करना चाहते क्योंकि यह अच्छा नहीं लगता। सपा, बसपा और राजद सदस्यों ने सोमवार सुबह लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करते हुए भारी हंगामा किया था। एक सपा सदस्य ने तो अध्यक्ष के आसन के समक्ष रखी मेज पर चढने तक का प्रयास किया और वह पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव के निर्देश पर ही पीछे हटे। अध्यक्ष ने कहा कि जो भी सदन में हुआ, वह अवांछनीय है। सदन को चलाना हर किसी की जिम्मेदारी है और उन्हें सदन को शांतिपूर्ण तरीके से चलने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सदन के सुचारू संचालन का एक उपाय यह है कि आक्रोशित सदस्यों से अपनी सीटों पर बैठने की अपील की जाए। उन्होंने कहा कि वे बात सुन लेते हैं लेकिन इस बार वे काफी आकाशित दिखाई दे रहे थे। देखते हैं क्या होता है। सदन में मार्शलों का इस्तेमाल किए जाने संबंधी सवाल का मीरा कुमार जवाब टाल गईं। |