नई दिल्ली । सदन की मर्यादा तोडने वाले राजद और सपा सांसदों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। संसदीय मामलों के मंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा है कि राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी के साथ हाथा-पाई कर महिला आरक्षण बिल की प्रतियां छीनने वाले सांसदों राजनीति प्रसाद, सुभाष यादव, अली एजाज और कमाल अख्तर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। उल्लेखनीय है कि इन सांसदों ने सोमवार को सदन की मर्यादा को ताक पर रखते हुए हामिद अंसारी के साथ छीना-झपटी की। बिल का विरोध कर रहे गुस्साए सांसद सभापति के आसन तक जा पहुंचे और उनसे महिला आरक्षण बिल की कॉपियां छीनकर उसे फाड डाला। इन्होंने माइक तक उखाड फेंका। राज्यसभा को शर्मसार करने वाली इस घटना के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पडी।
सस्पेंड हुए, तो भी विरोध जारी
वहीं, दूसरी ओर हंगामे मचाने वाले सांसदों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि उन्होंने कोई गैरकानूनी काम नहीं किया, जिसके लिए वो माफी मांगे। संसद में महिला विधेयक की प्रतिया फाडने वाले राजद सांसद राजनीति प्रसाद ने कहा कि हमने कोई गैरकानूनी काम नहीं किया है। संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यदि वे सस्पेंड भी हुए तो भी बिल का विरोध जारी रहेगा। बिल का विरोध कर रहे एक अन्य सांसद सुभाष यादव ने कहा कि यदि उनकी बात नहीं मानी गई तो विरोध जारी रहेगा। |