कोलकाता । अरुंधति राय के बाद अब माओवादी गायक-तृणमूल कांग्रेस सांसद कबीर सुमन को भी मध्यस्थों की सूची में शामिल करने के इच्छुक हैं। हालांकि पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी इस प्रस्ताव पर बिल्कुल सहमत नहीं हैं और उनके रवैए से सुमन असंतुष्ट हैं। माओवादी नेता किशनजी चाहते हैं कि केंद्र-माओवादी वार्ता में अरुंधति राय के साथ ही कबीर सुमन भी शामिल हों। ममता बनर्जी को यह मंजूर नहीं है। किशनजी के प्रस्ताव पर सुमन ने कोई टिप्पणी तो नहीं की है पर अपने विश्वस्त साथियों को यह जरूर बता दिया है कि अगर इस प्रस्ताव पर ममता को नहीं मना पाए तो वे पार्टी व्हिप को भी नहीं मानेंगे। सुमन का तर्क है कि जब अरुंधति मध्यस्थता कर सकती हैं तो वे क्यों नहीं। दोनों ही एक जैसे क्षेत्र (क्रिएटिव) से हैं। वे भी चाहते हैं कि समाज की शांति प्रक्रिया में वे भी सहयोग करें। इससे ऑपरेशन ग्रीन हंट के नाम पर होने वाले नरसंहार पर रोक लगेगी। दिलचस्प बात यह है कि कई बुद्धिजीवी भी सुमन को सूची में शामिल करने के पक्ष में हैं।
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