नई दिल्ली । द गुड डेज विल कम्स! जी हां अगले तीन माह में भारत में नई नौकरियों की बहार आने वाली है। वैश्विक स्टाफिंग सेवा फर्म मैनपावर के मुताबिक नई नियुक्तियों के मामले में दुनिया में भारतीय कंपनियों का रुख सबसे ज्यादा आशावादी है। मैनपावर के तिमाही रोजगार परिदृश्य सर्वेक्षण के अनुसार, अप्रैल-जून की अवधि के लिए इससे पिछली तिमाही की तुलना में भारतीय कंपनियों के नियुक्ति परिदृश्य में चार प्रतिशत अंक का सुधार हुआ है। सर्वेक्षण में शामिल 36 देशों और क्षेत्रों में से भारतीय कंपनियों का शुद्ध रोजगार परिदृश्य सबसे ज्यादा 39 प्रतिशत का रहा है। मैनपावर इंडिया के प्रबंध निदेशक संजय पंडित ने मंगलवार को कहा कि मजबूत घरेलू वृद्धि की वजह से भारतीय कंपनियों का रुख आशावादी रहा है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों के लिए उद्योग जगत के सभी क्षेत्रों में अवसरों में सुधार हो रहा है। भारत के सेवा एवं वित्त, बीमा एवं रीयल एस्टेट क्षेत्रों में आगामी महीनों में नियुक्तियों में तेजी दिखाई देगी। सर्वेक्षण में कहा गया है कि नौकरी तलाश रहे लोगों को सेवा, उद्योग क्षेत्र, वित्त, बीमा, रीयल्टी, विनिर्माण और खनन तथा निर्माण क्षेत्र में अप्रैल-जून की तिमाही में काफी सकारात्मक माहौल मिलेगा।
मंदी ने बढाई वफादारी
सिंगापुर । आर्थिक मंदी ने भले ही समूचे विश्व की चूलें हिला दी हों, लेकिन इस के कारण हर पांच में से दो कर्मचारी अपने नियोक्ता के प्रति पहले से अधिक निष्ठावान हो गए हैं। यह दावा केली सर्विसेस द्वारा कराए शोध में किया गया है। यह शोध यूरोप, उत्तर अमेरिका और एशियाई देशों में कराया गया है। शोध के मुताबिक सकारात्मक प्रबंधन, मजबूत मनोबल और सक्रिय संचार वाली कंपनियां लाभ और छंटनी की अनिश्चितता के बावजूद अपने कर्मचारियों को जोडे रखने में कामयाब रही हैं। |