सरकार ने मंगलवार को बताया कि दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नया टर्मिनल शुरू होने के बाद बॉडी स्कैनर प्रायोगिक आधार पर स्थापित करने के बारे में विचार किया जा रहा है लेकिन ऐसा करने से पहले यात्रियों की निजता और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर पूरा ध्यान दिया जाएगा। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रफुल्ल पटेल ने राज्यसभा में शांताराम लक्ष्मण नायक के सवाल के लिखित जवाब में कहा कि इन बॉडी स्कैनरों के लिए कौन सी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, इस बारे में अंतिम निर्णय अभी किया जाना है। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव अभी शुरूआती चरण में है। बहरहाल, इसकी लागत का वहन हवाई अड्डे के परिचालनकर्ता करेंगे। पटेल से सदस्य जानना चाहते थे कि क्या सरकार बॉडी स्कैनरों के मामले में निजता के पहलू पर गौर कर रही है और क्या उसने ऐसे स्कैनरों के इस्तेमाल से स्वास्थ्य की सुरक्षा से जुडी जानकारी हासिल की है।
इस पर मंत्री ने कहा कि ऐसी व्यवस्था करने से पहले निजता और स्वास्थ्य से जुडे मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा। एनके सिंह और शोभना भरतिया के सवाल के लिखित जवाब में पटेल ने कहा कि जनवरी 2010 के अंत तक ‘नेशनल एविएशन कंपनी ऑफ लिमिटेड’ (नैसिल) की ओर से ईर्ंधन की बकाया राशि 1741 करोड रुपए थी और सरकार ने नैसिल को इस बकाया राशि का जल्द भुगतान करने की सलाह दी है। |