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चंडीगढ। रुचिका मामले में हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक एसपीएस राठौड को सुनाई गई छह महीने की सजा के खिलाफ दायर मामले की सुनवाई कर रही एक स्थानीय अदालत ने राठौड की अपील पर सुनवाई को 15 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया है। राठौड ने अपील की थी कि पिछले महीने उनके अधिवक्ता पर हमला हुआ था, जिसमें वह घायल हो गए थे और इससे वह उबर रहे हैं। रुचिका के साथ छेडछाड करने के दोषी तथा हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक एस पीएस राठौड को छह महीने की सजा सुनाई गई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आर एस अत्री ने इस मामले की सुनवाई को अगली तारीख तक स्थगित करने का निर्देश दिया। हरियाणा पुलिस के साथ राठौड और उसकी अधिवक्ता पत्नी आभा मामले की सुनवाई के लिए अदालत पहुंचे।
आभा ने अदालत को बताया कि राठौड के अधिवक्ता एनडी शर्मा जिला अदालत के बाहर आठ फरवरी को राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक पर हुए हमले से अभी उबर रहे हैं। उत्सव शर्मा नामक एक युवक ने पत्रकार बन कर राठौड पर हमला कर दिया था। उसके बारे में कहा जा रहा है कि वह मनोविकार से पीडित था। उसने जिला अदालत के बाहर राज्य के पूर्व पुलिस प्रमुख के चेहरे पर एक छोटे चाकू से तीन बार प्रहार किया। इस हमले में राठौड का अधिवक्ता भी घायल हो गया और दोनों को अस्पताल में भर्ती कराना पडा था।
रुचिका के परिवार के अधिवक्ता पंकज भारद्वाज तथा रुचिका की दोस्त आराधना के पिता आनंद प्रकश भी बुधवार को अदालत में उपस्थित थे। आनंद प्रकाश इस छेडछाड मामले के एकमात्र गवाह हैं। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के न्यायाधीश जे एस सिद्धू ने पिछले साल 21 दिसंबर को राठौड का छह महीने की सजा सुनाई थी। इससे पहले भारतीय पुलिस सेवा के इस पूर्व वरिष्ठ अधिकारी को 12 अगस्त 1990 को उभरती टेनिस खिलाडी रुचिका के साथ पंचकुला में छेडछाड करने का दोषी पाया था। राठौड ने सीबीआई अदालत के फैसले को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में चुनौती दी है। इस साल 13 जनवरी को राठौड की अपील स्वीकार कर लिए जाने के बाद पूर्व पुलिस अधिकारी को जमानत दे दी गई थी। |