नई दिल्ली। तूफानी प्रदर्शन कर रहे गत दो बार के उपविजेता आस्ट्रेलिया और अपने तीखे तेवरों से दावेदार माने जा रहे हालैंड के बीच हीरो होंडा एफआईएच हॉकी विश्वकप के बीच दूसरे सेमीफाइनल में विस्फोटक मुकाबले की उम्मीद रहेग। आस्ट्रेलिया और हालैंड दोनों ही विश्वकप में अपने खतरनाक तेवरों से खिताब के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। आस्ट्रेलिया ग्रुप बी में चोटी पर रहा है, जबकि हालैंड को पूल ए में दूसरा स्थान मिला है। आस्ट्रेलिया ने जहां टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 23 गोल दागे हैं वहीं हालैंड ने सबसे कम पांच गोल खाए हैं।
फारवर्ड अधिक आक्रामक
यानी इस मैच में आस्ट्रेलिया की आक्रामक फारवर्ड पंक्ति और हालैंड के मजबूत डिफेंस के बीच जोरदार मुकाबला होगा, लेकिन इन सबके बीच आस्ट्रेलिया को हालैंड के पेनल्टी कार्नर विशेषज्ञ ताइके ताइकामा से और हालैंड को आस्ट्रेलिया के पेनल्टी कार्नर विशेषज्ञ ल्यूक डोएरनर से सावधान रहना होगा।
ये दोनों ही खिलाडी छह छह गोल कर टूर्नामेंट के अबतक के शीर्ष स्कोरर हैं। आस्ट्रेलियाई स्ट्राइकर जैमी डवेयर और ग्लेन टर्नर भी पांच पांच गोल दाग चुके हैं। डेसमंड एबोट के खाते में चार गोल हैं। यानी ये खिलाडी हालैंड के लिए भी सिरदर्द बन सकते हैं।
रोनाल्ड-रोजियर पर नजरें
वहीं हालैंड के रोनाल्ड ब्रावर तीन गोल और रोजियर हाफमैन दो गोल आस्ट्रेलियाई किले में सेंध लगा सकते हैं। दोनों ही टीमें बेहद तेज तर्रार गति से हॉकी खेलती हैं और उनकी आक्रामक शैली को देखते हुए भारतीय कोच जोस ब्रासा ने दोनों ही टीमों को खिताब का प्रबल दावेदार बताया है। लेकिन इस मुकाबले से एक ही टीम फाइनल में पहुंच सकती है। आस्ट्रेलिया पिछले विश्वकप में उपविजेता रहा था, जबकि हालैंड को सातवां स्थान हासिल हुआ था। पिछले विश्वकप के मुकाबले हालैंड की टीम इस बार सबसे ज्यादा बदली नजर आ रही है। आस्ट्रेलिया का खेल तो वैसे भी हर समय शवाब पर रहता है, लेकिन हालैंड ने अपने खेल का स्तर जिस तरह ऊंचा किया है वह आस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीम को परेशानी में डाल सकती है। हालैंड की टीम अपने आखिरी लीग मैच में कोरिया से 1-2 से हार गई थी, लेकिन उसके कप्तान त्यून डि नूजेर इसको लेकर ज्यादा चिंतित नहीं हैं। उनका कहना है कि सेमीफाइनल में मुकाबला अलग किस्म का होगा और उनकी टीम एक बार फिर फाइनल में पहुंचने की कोशिश करेगा। |