गड़बड़ा गया है प्रकृति का पारंपरिक चक्र*सुप्रीम कोर्ट ने बीच का रास्ता निकाल दिया*भारत-चीन के बीच जंग असंभव*चेन्नई की घटना से सबक ले समाज*फिर बनाने होंगे 1953 जैसे हालात*सीबीआई जया के खिलाफ पहुंची सुप्रीम कोर्ट*पॉल हॉलीवुड वॉक ऑफ द फेम से सम्मान*शाहरूख से मिलने के लिए बेताब प्रशंसक*सबसे शक्तिशाली लेजर केंद्र बनाएगा रूस*पेरू में बाढ़ से 14 मरे, 22 प्रांतों में परिवहन ठप*
सीबीआई जया के खिलाफ पहुंची सुप्रीम कोर्ट
अभी तक भारत के लिए रहस्य बना है एडिलेड
ओडिशा में नक्सली हमला, BSF के चार अधिकारी शहीद
मंत्री ने अपने क्षेत्र में बंद कराई बिजली, रोका अखबार
मुख्यपृष्ठ राष्ट्रीय विश्व शहर  व्यापार खेल मनोरंजन शिक्षा सम्पादकीय क्लासिफाइड Appointment पत्रिकाएँ आज का पंचांग
कपिल का जवाब नहीं
On 3/10/2010 8:57:04 PM

Change font size:A | A

Print

E-mail

Comments

Rating

Bookmark

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा भारत के प्रसिद्ध क्रिकेटर कपिल देव को हॉल ऑफ फेममें शामिल करना इस भारतीय खिलाडी की महानता को तो दर्शाता ही है, भारत के लिए भी यह गर्व का विषय है। यह गर्व का विषय इसलिए है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीयों के साथ सतैला व्यवहार ही किया जाता है। बहरहाल, ‘हॉल ऑफ फेमफेडरेशन ऑफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर्स एसोशिएशन के सहयोग से दिया जाने वाला वह सम्मान होता है, जो महान खिलाडियों को दिया जाता है। कपिल देव निश्चित ही इस सम्मान के हकदार थे। उन्होंने क्रिकेट में उस समय सिक्का जमाया था, जब पाकिस्तान के इमरान खान, इंग्लैंड के इयान बाथम और न्यूजीलैंड के रिचर्ड हैडली अपना जलवा बिखेर रहे थे। कपिल देव न केवल एक अच्छे आलराउंडर थे, बल्कि उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने एकमात्र विश्व कप भी जीता था।

1983 के विश्व कप के एक लीग मैच में चार विकेट गिरने के बाद विषम परिस्थितियों में उन्होंने नाबाद 175 रनों की बेहतरीन पारी खेलकर टीम इंडिया को फाइनल में पहुंचाया था। इतना ही नहीं, वे अपने 16 वर्षीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैरियर में 131 टेस्ट मैचों में 443 विकेट झटकने वाले पहले भारतीय गेंदबाज भी हैं। उन्होंने 225 वनडे में भी 253 विकेट लिए हैं, तो वे बल्लेबाजी में भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने 131 टेस्टों में आठ शतकों व 27 अर्द्धशतकों की मदद से 5248 और 225 वनडे में 31.05 के औसत से 3783 रन बनाए हैं। हालांकि, भारत के दो और क्रिकेटरों, सुनील गावस्कर और बिशन सिंह बेदी को भी इस सम्मान के लिए सूची में शामिल किया गया है, पर उन्हें अभी यह मिला नहीं है, लेकिन कपिल देव को यह सम्मान मिल गया, तो यह भी भारत का गौरव बढाने वाली एक महत्वपूर्ण घटना ही है।

Post Comments
More News
मैकाले के मानसपुत्रों के चंग...
ओप्रा क्या जानें लाल बत्ती ल...
किसानों की तकलीफ समझें सरकार...
प्रणबदा की नींद उड़ने का कार...
उत्तरप्रदेश के वोटरों ने कमा...
फिर बनाने होंगे 1953 जैसे हा...
चेन्नई की घटना से सबक ले समा...
भारत-चीन के बीच जंग असंभव...
सुप्रीम कोर्ट ने बीच का रास्...
गड़बड़ा गया है प्रकृति का पा...
क्रांति की उपलब्धियों को खो ...
चल रहा आश्वासन बांटने का अभि...
नाम, नमक और निशान के मायने...
मालदीव में सैनिक शासन की आहट...
मंत्रियों को यह सजा तो पर्या...
 सम्पर्क करें  विज्ञापन दरें आपके सुझाव संस्थान
© Copyright of Rajexpess 2009,all right reserved.
Developed & Designed By: