जबलपुर । हफ्ते भर से चल रहा चीतलों की मौत का सिलसिला अब भी नहीं रुका। बुधवार को एक चीतल परियट बीट के अन्तर्गत कुत्तों के आक्रमण का शिकार हो गया वहीं यादव कॉलोनी में मिले घायल चीतल की भी बुधवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। गौरतलब ह कि वनों में जल स्तर कम होने और पोखरों के सूखने के कारण पीने के पानी का संकट चीतलों की जान पर भारी पड रहा है। परियट बीट के डिप्टी रेंजर की सूचना पर वहां से एक चार वर्ष के नर चीतल को मृत अवस्था में पोस्ट मार्टम के लिए लाया गया।
पानी पीने आया था बाहर
एंटी पोचिंग प्रभारी आरके कुंभरे ने बताया कि यह चीतल भी प्यास से व्याकुल होकर पानी की खोज में वनक्षेत्र से बाहर आया था जहां कुत्तों ने उसका शिकार कर लिया। मृत चीतल को पोस्टमार्टम के लिए विटरनरी अस्पताल में छोड दिया गया है।
इलाजरत चीतल मरा
श्री कुंभरे ने बताया कि पिछले 6 दिनों से विटरनरी कॉलेज में इलाजरत यादव कॅालोनी क्षेत्र से प्राप्त घायल चीतल आज चल बसा। पोस्टमार्टम के बाद मृत चीतल का अंतिम संस्कार डुमना में कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि इस चीतल से जनमानस की भावनाएं भी जुड चुकी थीं। यहां तक की एक परिवार तो उसके इलाज की जिम्मेदारी लेने भी आगे आया था पर मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएफ श्री दिवाकर ने विभाग द्वारा इलाज करवाना ही उचित समझा था।
अतिक्रमण ने बढाया संकट
वनक्षेत्रों के आसपास अतिक्रमण और फिर बसाहट ने वन्य प्राणियों के लिए यह संकट पैदा किया है। दिनों दिन घट रहे जंगल और सूखते जलस्रोतों के कारण बेहाल होकर वन्य प्राणियों के पास गांवों में चले आने के शिवाय कोई उपाय ही नहीं रह गया है। अगर वन विभाग इसकी गंभीरता को समझ शीघ्र कोई कदम नहीं उठाया गया तो आगे की तस्वीर कितनी भयानक हो सकती है यह आसानी से समझा जा सकता है क्योकि यह तो शुरुआत है अभी पूरा मौसम गुजरना बाकी है। |