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भोपाल। रसोई गैस के सिलेंडरों की किल्लत और कालाबाजारी के बीच राजधानी में रसोई गैस के सिलेंडरों में भारी मात्रा में हेराफेरा की जा रही है। उपभोक्ताओं को पूरी कीमत चुका कर भी निर्धारित मात्रा में गैस नहीं मिल पा रही है। शहर में यह गोरखधंधा फलफूल रहा है तो इसलिए कि खाद्य विभाग और नापतौल विभाग तथा पेट्रोलियम कंपनियां आंख मूंद कर बैठी हैं।
जानकारी के मुताबिक खाद्य विभाग को शिकायत मिली है कि गैस एजेंसियों से सप्लाई होने वाले रसोई गैस के सिलेंडरों में गैस कम निकल रही है। रसोई गैस के सिलेंडरों गैस निकाल कर नए सिलेंडर तैयार किए जा रहे हैं। बताया जाता है कि पांच रसोई गैस के सिलेंडरों में दो -दो किलो गैस निकाल का एक और सिलेंडर तैयार कर लिया जाता है। इस गोरखधंधे में गैस एजेंसियों के कर्मचारियों के अलावा बडी तादाद में अवैध रूप से रसोई गैस के सिलेंडरों का ब्लैक कर रहे लोग शामिल ह। उपभोक्ताओं को दोहरी मार झेलना पड रही है एक तरफ तो गैस की किल्लत दूसरी तरफ निर्धारित मात्रा में रसोई गैस सिलेंडरों में नहीं मिलने से लोग परेशान है।
इस गोरखधंधे की जड
वाहनों में अवैध रूप से रसोई गैस के सिलेंडरों से गैस भरने का कारोबार कर रहे कतिपय लोग इस कारोबार में दोहरा मुनाफा कमाने यह यह फंडा अपना रहे ह। गैस एजेंसियों से ब्लैक में 450 रुपए में रसोई गैस के सिलेंडर खरीद कर 500 रुपए में रिफिल सेंटर को बेचा जाता है। रसोई गैस के सिलेंडरों की सप्लाई करने के काम में लगे लोग दोहरा मुनाफा कमाने पांच सिलेंडरों से दो-दो किलो गैस निकाल एक और सिलेंडर तैयार कर लेते हैं। इस प्रकार उन्हें पांच रसोई गैस के सिलेंडरों पर 75 रुपए मिल जाते।
इंदौर से आ रहे उपकरण
रसोई गैस के सिलेंडरों में से गैस निकालने के उपकरण इंदौर से राजधानी में लाए जा रहे ह , जिससे गैस की चोरी की जा रही है। रसोई गैस के सिलेंडरों में से गैस इतनी सफाई से निकाली जाती है कि उपभोक्ता को सील देखने के बाद शक तक नहीं होता। भंडा तब फूटता है जब महीने से पहले ही गैस खत्म हो जाता ह। गैस एजेंसियों के कर्मचारियों की मिलीभत यह अवैध कारोबार खूब फल-फूल रहा है।
उपभोक्ता के लिए नियम
गैस एजेंसियों के कर्मचारियों घर पर गैस उपलब्ध कराते है तो उपभोक्ता चाहे तो मौके पर ही गैस के सिलेंडर तुलवा सकता है। डिलेवरी वाहन के पास कांटा रहता है। हालंाकि वे कांटा लेकर चलते नहीं हैं।
मिली हैं शिकायतें
पेट्रोलियम कंपनियों के बॉटलिंग प्लांट में गैस कम भरने की गडबडियां मिली थीं। वर्तमान में अत्याधुनिक सिस्टम बॉटलिंग प्लांट में लगा दिये गये हैं , जो नापतौल विभाग की समझ से परे हैं। सिलेंडर में कम गैस मिलने की शिकायत खाद्य विभाग को भी मिली है। सहायक खाद्य नियंत्रण विवेक सक्सेना ने इसकी पुष्टि की है।
यहां करें शिकायत
यदि घरेलू गैस सिलेण्डर में गैस कम मिलने की शिकायत मिलती है तो उपभोक्ता नापतौल विभाग के दूरभाष क्रमांक 2551020 पर शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा जिला खाद्य शाखा को भी इसकी शिकायत कलेक्टर कार्यालय में की जा सकती है। |