टीएमसी में भी विरोध
महिला आरक्षण बिल को खतरा सिर्फ असंतुष्ट भाजपा सांसदों से ही नहीं है। इस बिल को लेकर कांग्रेस में भी विरोध के सुर उठ रहे हैं। कांग्रेस सांसद इसरार उल हक ने सबसे पहले आवाज उठाई है। इसरार ने कहा कि जो लोग संदेह जाहिर कर रहे हैं उसपर गौर करना चाहिए। वहीं बिल का समर्थन करने वाली जेडीयू लोकसभा में बिल का विरोध करने पर उतारू है। लोकसभा में पार्टी के चीफ व्हिप मांगी लाल मंडल ने कहा कि वे बिल की मूल भाषा के खिलाफ हैं और अगर इसमें संशोधन नहीं किया गया तो पार्टी इसके विरोध में व्हिप जारी करेगी। जेडीयू के लोकसभा में बीस सांसद हैं।
तृणमूल का रुख साफ नहीं
इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस ने बिल पर अपना रुख साफ नहीं किया है जबकि शिवसेना का कहना है कि यदि लोकसभा में मार्शल का प्रयोग कर बिल पास कराया जाता है तो वो उसका विरोध करेगी।
सरकार सभी से बात करने पर सहमत
सरकार महिला आरक्षण विधेयक को लोकसभा में लाने से पहले सभी दलों के नेताओं से विचार विमर्श करने पर सहमत हो गयी है जिससे चार दिनों से चल रहा गतिरोध के समाप्त होने के आसार हैं। जदयू अध्यक्ष शरद यादव ने वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के साथ हुई बैठक के बाद बताया कि सरकार सर्वदलीय बैठक बुलायेगी या विभिन्न दलों के नेताओं से अलग