| | पाकिस्तान रहा फिसड्डी | | | |
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नई दिल्ली। स्काट टूपर के अतिरिक्त समय में किए गए गोल की बदौलत कनाडा ने हीरो होंडा एफआईएच हॉकी विश्वकप में गुरुवार को यहां चार बार के चैंपियन पाकिस्तान को 3-2 से हराकर टूर्नामेंट में 11वां स्थान हासिल किया। पाकिस्तान के लिए यह टूर्नामेंट बेहद निराशाजनक मुकाम पर खत्म हुआ और टीम अपने हॉकी इतिहास में विश्वकप में पहली बार अंतिम स्थान पर रही। इससे पहले वर्ष 1986 के विश्वकप में टीम 11वें स्थान पर रही थ। पाकिस्तान के खिलाडी कनाडा के खिलाफ बेहद बुझे मन से मैदान में उतरे थे और पूरे मैच के दौरान ऐसा लग ही नहीं था कि यह वही टीम है जिसने चार बार विश्वकप में खिताब जीता था।
निर्धारित समय तक दोनों टीमें 2-2 की बराबरी पर थी। मैच के चौथे मिनट में पाकिस्तान के रेहान बट्ट ने टीम के लिए पहला गोल किया जबकि 46वें मिनट में अली अख्तर ने दूसरा गोल दागा। वहीं कनाडा के लिए कोनोर ग्राइंस ने 12वें मिनट में और मार्क पियरसन ने 57वें मिनट में गोल दागे। कनाडा को निर्धारित समय तक चार पेनल्टी कार्नर मिले जिसमें से टीम एक को भी गोल में तब्दील नहीं कर पाई। वहीं पाकिस्तान भी दूसरे हाफ में मिले चार पेनल्टी पर कोई गोल नहीं कर सका। निर्धारित समय तक मुकाबला 2-2 से बराबरी पर रहने के बाद अंपायरों ने दोनों टीमों को 15 मिनट का अतिरिक्त दिया जिसके पहले हाफ में कोई गोल नहीं हुआ। लेकिन दूसरा हाफ शुरू होते ही कनाडाई टीम ने अचानक हमले तेज कर दिए और पाकिस्तानी खेमे में हलचल मचा दी। अतिरिक्त समय के दसवें मिनट में कनाडा को दूसरा पेनल्टी कार्नर मिला जिसपर टूपर ने गोल करके टीम को जीत दिला दी। इस गोल के होते ही पाकिस्तानी खिलाडी गहरी निराशा में डूब गए और भारी कदमों से मैदान से बाहर आए। |
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