| | बीएसएनएल कर्मियों का आंदोलन 15 से | | | |
|  | | | |
| | |
नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लि . (बीएसएनएल) की कर्मचारी यूनियनों ने कंपनी में विनिवेश और कर्मचारियों की छंटनी के सुझाव देने वाली सैम पित्रोदा समिति की सिफारिशों के खिलाफ देशभर में आंदोलन छेडने का ऐलान किया है।
पित्रोदा समिति ने बीएसएनएल की 30 प्रतिशत हिस्सेदारी के विनिवेश तथा कंपनी के एक लाख कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) देने की सिफारिश की है। जाइंट फोरम आफ एग्जिक्यूटिव एंड नान एग्जिक्यूटिव यूनियंस एंड एसोसिएशन के संयोजक वी ए एन नमबूदिरी ने कहा कि बीएसएनएल की सभी 15 यूनियनों द्वारा 15 मार्च को देशभर में दूरसंचार कंपनी के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा और उसके बाद आगे की कार्रवाई योजना तय की जाएगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस आंदोलन से बीएसएनएल की सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा गठित सैम पित्रोदा समिति को बीएसएनएल की सेहत सुधारने के बारे में सुझाव देने को कहा गया था।
दिल्ली और मुंबई को छोडकर देशभर में बीएसएनएल का परिचालन है। समिति ने कंपनी की जीएसएम मोबाइल नेटवर्क में 9. 3 करोड लाइनं के विस्तार की 35,000 करोड रुपए की योजना को रद्द करने का सुझाव दिया था। इसके अलावा पित्रोदा समिति ने कंपनी के एक-तिहाई या एक लाख कर्मचारियों को वीआरएस देने तथा उसमें 30 प्रतिशत की सरकारी हिस्सेदारी के विनिवेश का सुझाव दिया है।
बीएसएनएल के कर्मचारियों की संख्या तीन लाख है। 2008-09 में बीएसएनएल का मुनाफा घटकर 570 करोड रुपए रह गया था। इससे पूर्व वित्त वर्ष में बीएसएनएल ने 10,000 करोड रुपए का मुनाफा कमाया था। निजी कंपनिय द्वारा बाजार कब्जाने के कारण बीएसएनएल का मुनाफा लगातार घट रहा है। नमबूदिरी ने कहा कि पित्रोदा समिति की सिफारिशों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए हम प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, दूरसंचार मंत्री ए राजा तथा अन्य लोगों से मिलने की योजना बना रहे हैं। प्रधानमंत्री ने जनवरी में सैम पित्रोदा की अगुवाई में इस समिति का गठन किया था।
समिति में दूरसंचार सचिव पी जे थामस तथा प्रमुख बैंकर दीपक पारेख भी शामिल हैं। नमबूदिरी ने कहा कि 9. 3 करोड जीएसएम लाइनों के विस्तार की निविदा को रद्द करने से सार्वजनिक क्षेत्र की इस कंपनी पर काफी प्रतिकूल असर पडेगा। वीआरएस के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस तरह की योजना लाने की कोई जरूरत नहीं है। हर साल औसतन कंपनी के 10,000 कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं और कोई नई नियुक्ति नहीं की जा रही है। |
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
| |
| |