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नई दिल्ली । भारतीय रेल अपनी सेवाओं में सुधार के प्रयास के तहत दो प्रमुख ट्रेनों में खान पान का जिम्मा भारतीय रेल खान पान एवं पर्यटन निगम आईआरसीटीसी से लेने का फैसला किया है। यह बदलाव सियालदह और हावडा से चलने वाली एक दुरांतो और एक राजधानी एक्सप्रेस में लागू किया जाएगा। इससे रेलवे की खान पान सेवा में प्रभावकारी बदलाव का आधार तैयार हो सकेगा। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए रेलवे शुरुआत में इन दोनों ट्रेनों में खान पान की व्यवस्था की सिर्फ निगरानी करेगा जिसके बाद अपने कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। इस बदलाव के दौरान खान पान विभाग की जिम्मेदारी आईआरसीटीसी ही निभाएगा।
ट्रेनों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर आईआरसीटीसी को भारी आलोचना का समाना करना पड रहा है। प्रबंध निदेशक आर के टंडन ने बताया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर उन्हें करीब चार हजार शिकायतें मिली हैं। करीब 500 मामलों में कार्रवाई शुरू हो गई है। सहायक आईआरसीटीसी आउटसोर्सिंग के माध्यम से 260 टनों में खान पान की सेवा उपलब्ध करा रही है जबकि पांच राजधानी और पांच दुरांतो समेत 16 ट्रेनों में वह यह जिम्मा खुद संभाले हुए है। रेल मंत्री ममता बनर्जी ने अपने रेल बजट भाषण में कहा था कि रेलवे की खानपान नीति की समीक्षा की जा रही है और उसे जल्द से जल्द अंतिम रूप दे दिया जाएगा। |