| | राणा की जमानत याचिका खारिज | | | |
|  | | | |
| | |
शिकागो । अमेरिका की एक अदालत ने गुरुवार को संदिग्ध आतंकी तहव्वुर हुसैन राणा की जमानत याचिका को दोबारा खारिज कर दिया जिस पर लश्कर ए तैयबा की ओर से भारत के खिलाफ हमलों की साजिश रचने का आरोप है। अदालत ने कहा कि पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक पर अत्यंत गंभीर आरोप हैं और वह भाग सकता है।
अमेरिका की इलिनोइस जिला अदालत के न्यायाधीश हैरी लीननवेबर ने राणा के आग्रह को खारिज कर दिया , जिसमें उसने मजिस्ट्रेट नान नोलन द्वारा दिए गए उसे हिरासत में रखने के आदेश को निरस्त करने की मांग की थी। राणा ने पिछले साल अपनी गिरफ्तारी के बाद से यह कहकर अपनी रिहाई के लिए कई बार मुचलके पर रिहा होने का आग्रह किया है कि उसके साथ लश्कर ए तैयबा के सदस्य और पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली ने छल किया। हेडली (49) और राणा (48) को पिछले साल एफबीआई ने गिरफ्तार किया था जिन पर लश्कर की ओर से भारत तथा डेनमार्क के एक अखबार के खिलाफ हमलों की साजिश रचने का आरोप है।
राणा पर यदि आरोप साबित हो जाते हैं तो उसे अधिकतम उम्रकैद की सजा हो सकती है , उसके परिवार ने उसकी जमानत के बदले में 10 लाख डॉलर के मुचलके की पेशकश की है। राणा के वकील पैट्रिक ब्लेजन ने अदालत में ऐसे गवाह पेश किए जिन्होंने राणा को अच्छी प्रतिष्ठा वाला व्यक्ति बताया, लेकिन इन गवाहों ने यह भी माना कि वे इस बारे में नहीं जानते कि राणा का किसी आतंकवादी संगठन से कोई संबंध है या नहीं।
अदालत के गुरुवार के आदेश पर ब्लेजन ने प्रेट्र से कहा कि वह इस पर टिप्पणी नहीं करेंगे कि वह राणा के लिए जमानत मांगना जारी रखेंगे या नहीं। उन्होंने इस बारे में भी कोई टिप्पणी नहीं की कि राणा पर मुकदमे की शुरुआत कब से होगी। हेडली -राणा मामले को शिकागो के शीर्ष संघीय अभियोजक पैट्रिक फिट्जगेराल्ड देख रहे हैं। राणा पाक में पैदा हुआ और वहीं पला बढा। 1997 में वह कनाडा आ गया और जून 2001 में वहां की नागरिकता ले ली। वह अपनी पत्नी सामराज अख्तर राणा और दो बेटियों तथा एक बेटे के साथ शिकागो में रहता था। |
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
| |
| |