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इस्लामाबाद । भारत और पाकिस्तान के साथ संबंधों में संतुलन साधते हुए अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई ने जहां भारत को घनिष्ठ मित्र बताया है वहीं पाकिस्तान को अफगानिस्तान के जुडवां भाई की संज्ञा दी है। करजई ने यहां पाकिस्तान के प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में कहा कि भारत भी हमारा घनिष्ठ मित्र है लेकिन पाकिस्तान अफगानिस्तान का जुडवां भाई है। हम जुडवां से कहीं ज्यादा हैं यानि हमें बिल्कुल ही अलग नहीं किया जा सकता।
करजई ने कहा कि उन्होंने भारत के साथ सहयोग के सभी ब्यौरे गिलानी को उपलब्ध कराए। भारत ने अफगानिस्तान को पुनर्निर्माण कार्य में बेहद मदद की है और अफगान युवाओं के लिए अपने यहां शिक्षा की पेशकश की है। उन्होंने साथ ही स्पष्ट किया कि अफगानिस्तान अपनी जमीन का इस्तेमाल पडोसियों खासकर पाकिस्तान के खिलाफ नहीं होने देगा और वह पाकिस्तान से भी यही उम्मीद करता है। उनके इस बयान को अफगानिस्तान में भारतीय उपस्थिति पर फिक्रमंद पाकिस्तान की चिंता दूर करने का प्रयास माना जा रहा है।
करजई ने कहा कि वह अपनी सरजमीं से भारत -पाकिस्तान और ईरान-अमेरिका के बीच छद्म युद्ध नहीं चाहते हैं। पाकिस्तान के साथ मिलकर आतंकवाद का मुकाबला करने और द्विपक्षीय सम्बन्ध मजबूत करने के मकसद से पडोसी देश के शीर्ष नेतृत्व के साथ बातचीत करने के लिए बुधवार को यहां पहुंचे करजई ने प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के साथ संयुक्त प्रेस कांप्रेंस में कहा कि भारत और अफगानिस्तान गहरे दोस्त हैं।
उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण मे भारत ने हद से आगे जाकर मदद की है। उन्होंने कहा कि भारत हमारा बहुत ही घनिष्ठ मित्र है , लेकिन पाकिस्तान हमारा भाई है, हम जुडवां भाई हैं और हम एकदूसरे से जुदा नहीं हो सकते। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह क्षेत्र के किसी देश के खिलाफ भारत समेत किसी देश द्वारा उनकी सरजमीं के इस्तेमाल की सूचना पर गौर करेंगे। करजई ने कहा कि अफगानिस्तान के लोग भलीभांति समझते है कि पाकिस्तान के सहयोग के बगैर अफगानिस्तान शांत और स्थिर नहीं रह सकता और पाक्स्तिसान को भी अच्छी तरह पता है कि स्थिर और शांतिपूर्ण अफगानिस्तान के बिना उसके यहां शांति नहीं हो सकती है।
करजई ने स्पष्ट किया कि उनका देश अपनी सरजमीं से किसी तरह का छद्म युद्ध नहीं चाहता है। करजई से संवाददाताओं से सवाल किया कि वह पाकिस्तान के इस आरोप का क्या जवाब देंगे, जिसमें उसने कहा है कि उसे अस्थिर करने में अफगानिस्तान स्थित भारतीय दूतावास का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस पर उन्होंने कहा कि वह अपनी सरजमीं पर भारत-पाकिस्तान और ईरान तथा अमेरिका के बीच छद्म युद्ध नहीं चाहते हैं। |