| | सीसीटीवी कैमरे | | | |
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भोपाल। शहर के संवेदनशील माने जाने वाले करीब आधा दर्जन थानों के कामकाज की सुचारू रूप से मानीटरिंग के लिये लगभग तीन साल पहले सीसीटीवी कैमरे लगवाये गये थे। लेकिन खराब हो जाने के कारण लाखों रूपए की लागत से लगाए गए ये कैमरे ठप्प पडे ह। इन्हें सुधरवाने में लगता है किसी की दिलचस्पी नहीं है। लिहाजा ये मात्र शो -पीस बन कर रह गए हैं। लंबे समय से मेंटिनेंस न होने और तकनीकी खामियों के चलते यह कैमरे कबाड होते जा रहे हैं। चूंकि पीएचक्यू द्वारा इनको लगवाया गया था, इसलिये एसएसपी कार्यालय और आरआई के पास तो इनका कोई रिकार्ड तक नहीं है।
क्यों पड गई थी जरूरत
इन थानों में आए दिन होने वाले हंगामा ,प्रदर्शन या उपद्रव को देखते हुए ये सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे। ताकि रिकार्डिंग को देखकर थानों मे हंगामा करने वालों की आसानी से पहचान हो सके। इसके अलावा लॉकअप में बंद मुलजिमों के क्रिया-कलाप या संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी में भी इनसे मदद मिलने की उम्मीद की गई थी। यह भी सोचा गया था कि थाना स्तर पर हो रहे सामान्य कामकाज और आने जाने वालों की मानीटरिंग भी इनसे हो सकेगी। शुरू-शुरू में जब तक ये कैमरे चले, इनके अच्छे परिणाम भी सामने आए। लेकिन रखरखाव न होने के कारण धीरे-धीरे एक एक कर ये बंद हो गए।
टेक्नीकल स्टॉफ नहीं
कैमरों के बंद होने का प्रमुख कारण था थाने में किसी प्रकार का टेक्नीकल स्टाफ न होना। इसके चलते इनमें आई साधारण सी खराबी तक नहीं सुधर पा रही थी। वहीं इनके मेंटिनेंस के लिये भी अलग से कोई बजट नहीं दिया गया था। यह भी तय नहीं किया गया था कि अगर ये खराब हुए तो सुधरवाने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है। इसके बाद भी कुछ संबंधित थानों में इन्हें सुधरवाया गया , लेकिन लेकिन उसके बाद जब वे फिर खराब हुए तो किसी ने तवज्जो नहीं दी।
कौन -कौन से थाने में हो रहे कबाड
थाना कमला नगर में चार कैमरे लगे हैं जो बंद हैं। पुलिस कर्मियों से जब बात की गई तो उन्होने बताया कि मेंटिनेंस के लिए बजट ही नहीं है तो कैसे ठीक पाएंगे। थाना तलैया में भी सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे लेकिन रखरखाव के अभाव में यहां भी बंद पडे हैं। जिसका किसी को ध्यान नहीं है। इसके अलावा जहांगीराबाद थाने में भी कैमरा शो -पीस है। इसका मूवमेंट बंद पाया गया। पुलिस कर्मियों का कहना था कि कैमरा तो ठीक है, लेकिन अभी चल नहीं रहा। इसी प्रकार अन्य थानों में भी कैमरों का यही हाल है। |
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