नई दिल्ली । सरकार ने मंगलवार को माना कि दिल्ली सरकार द्वारा अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण के लिए निर्धारित 678 करोड रुपए की राशि राष्ट्रमंडल खेलों की ढांचागत सुविधाओं के विकास में खर्च किया जाना प्रथम दृष्टया गलत प्रतीत होता है।
गृह मंत्री पी चिदंबरम ने दिल्ली सरकार द्वारा अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण निधि को राष्ट्रमंडल खेलों की ढांचागत सुविधाओं के लिए कथित तौर पर खर्च किए जाने के संबंध में 27अगस्त 2010को सदन के पटल पर रखे गए अपने बयान के संबंध स्पष्टीकरण देते हुए यह बात स्वीकार की। उन्होंने कहा इस धन को वापस लाये जाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि योजना आयोग ने अजा अजजा के लिए दिए जाने वाले धन को खर्च करने संबंधी दिशा-निर्देशों की समीक्षा के लिए डॉ नरेंद्र जाधव की अध्यक्षता में चार जून 2010को एक कार्य बल का गठन किया है। उन्होंने बताया कि इस कार्य बल में विभिन्न राज्यों के सचिव और योजना आयोग के सलाहकार शामिल हैं।
चिदंबरम ने बताया कि कार्य बल यह जांच कर रहा है कि अनुसूचित जाति-जनजाति के कल्याण निधि के बारे में योजना आयोग द्वारा दिए गए दिशानिर्देशों में कैसे सुधारा किया जा सकता है। गृह मंत्री ने आश्वासन दिया कि कार्य बल की रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार उस पर विचार करेगी। |