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उजाले उनकी यादों के संजीव कुमार
On 9/1/2010 3:03:26 PM

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शोलेका ठाकुर, ‘अंगूरका डबल रोल, ‘कोशिशका गूंगा-बहरा व्यक्ति, ‘नया दिन नई रातके नौ रोल और संघर्षमें दिलीप कुमार को टक्कर देने वाली भूमिका निभाने वाले संजीव कुमार लोगों की यादों में अभी भी ताजा हैं।

शुरुआती दौर

दो बार राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित महान कलाकार हरिहर जरीवाल उर्फ संजीव कुमार का नाम फिल्मजगत की आकाश में एक ऐसे धुव्रतारे की तरह याद किया जाता है, जिनके बेमिसाल अभिनय से सुसज्जित फिल्मों की रोशनी से बॉलीवुड हमेशा जगमगाता रहेगा। संजीव कुमार का जन्म मुंबई में 9 जुलाई 1938 को एक मध्यम वर्गीय गुजराती परिवार में हुआ था। वह बचपन से ही फिल्मों में बतौर अभिनेता काम करने का सपना देखा करते थे। इसी सपने को पूरा करने के लिए वह अपने जीवन के शुरुआती दौर मे रंगमंच से जुडे और बाद में उन्होंने फिल्मालयके एक्टिंग स्कूल में दाखिला लिया। इसी दौरान वर्ष 1960 में उन्हें फिल्मालय बैनर की फिल्म हम हिन्दुस्तानीमें एक छोटी सी भूमिका निभाने का मौका मिला।

कठिन रहा वो दौर

वर्ष 1962 में राजश्री प्रोडक्शन की निर्मित फिल्म आरतीके लिए। उन्होंने स्क्रीन टेस्ट दिया, जिसमें वह पास नहीं हो सके। सर्वप्रथम मुख्य अभिनेता के रूप में संजीव कुमार को वर्ष 1965 में प्रदर्शित फिल्म निशानमें काम करने का मौका मिला। वर्ष 1960 से वर्ष 1968 तक संजीव कुमार फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष करते रहे। फिल्म हम हिंदुस्तानीके बाद उन्हें जो भी भूमिका मिली वह उसे स्वीकार करते चले गए। इस बीच उन्होंने स्मगलर’, ‘पति-पत्नी’, ‘हुस्न और इश्क’, ‘बादल’, ‘नौनिहालऔर गुनहगारजैसी कई फिल्मों में अभिनय किया, लेकिन इनमें से कोई भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हुई।

जब चमका सितारा

वर्ष 1968 में प्रदर्शित फिल्म शिकारमें वह अपने अभिनय की छाप छोडने में कामयाब रहे। इसके लिए उन्हें सहायक अभिनेता का फिल्म फेयर अवार्ड भी मिला। वर्ष 1968 में प्रदर्शित फिल्म संघर्षमें उन्हने दिलीप कुमार को भी पिछे छोड दिया। इसके बाद आशीर्वाद’, ‘राजा और रंक’, ‘सत्याकामऔर अनोखी रातजैसी फिल्मों से अपने अभिनय का लोहा मनवाया। 1970 में प्रदर्शित फिल्म खिलौनाकी जबर्दस्त कामयाबी के बाद संजीव कुमार बतौर अभिनेता अपनी अलग पहचान बना ली।

हर बार अलग अदांज

अभिनय में एकरूपता से बचने और स्वयं को चरित्र अभिनेता के रूप में भी स्थापित करने के लिए संजीव कुमार ने अपने को विभिन्न भूमिकाओं में पेश किया। सुपरहिट फिल्म शोलेमें वह जया भादुडी के ससुर की भूमिका निभाने से भी नही हिचके। वहीं उन्होंने शोले के पहले जया भादुडी के साथ कोशिशऔर अनामिकामें नायक की भूमिका निभाई थी। साथ ही हास्य, रोमांस, एक्शन, नायक, खलनायक, हर तरह की भूमिका में उन्होंने अपनी छाप छोडी। 6 नवंबर 1985 को इस सितारे ने दूनिया को अलविदा कह दिया।

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