| | दागियों के खिलाफ नहीं खेलना चाहता है इंग्लैंड | | | |
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लंदन। इंग्लैंड को पाकिस्तान के खिलाफ पांच सितंबर से दो टी -20 और पांच वनडे खेलने हैं और उसकी प्रोफेशनल क्रिकेटर्स एसोसिएशन (पीसीए) का कहना है कि पाकिस्तान के तीनों दागी खिलाडियों को इन मैचों के लिए टीम से बाहर किया जाए ताकि सीरीज पर फिक्ंसग के मामले का साया न पड सके।
पीसीए के मुख्य कार्यकारी एन्गस पोर्टर के अनुसार इंग्लैंड के खिलाडी चाहते हैं कि रविवार को कार्डिफ में होने वाले मुकाबले से पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद् (आईसीसी) आरोपी खिलाडियों के खिलाफ कडी कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड के खिलाडी जानते हैं कि खेल चलते रहना चाहिए और वे प्रोफेशनल खिलाडी होने के नाते खेलेंगे भी लेकिन जो खिलाडी स्पॉट फिक्ंसग मामले से सीधे तौर पर जुडे हुए हैं, उनके खिलाफ खेलना काफी मुश्किल होगा।
पोर्टर ने कहा कि हमारा मानना है कि इस स्थिति से बचने के लिए आरोपी खिलाडियों को निलंबित कर देना चाहिए और यदि ऐसा नहीं हो सकता तो उन्हें टीम से बाहर रखने का कोई और उपाय खोजना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे खिलाडियों ने कुछ कहा तो नहीं लेकिन इस मामले में हो रही देरी से वह पेरशान हैं। लेकिन जहां तक मेरी उनसे बात हुई है , वे सभी चाहते हैं कि इस जटिल मामले में जल्दी और सख्त कार्रवाई की जाए। हमें इसे गंभीरता से लेना होगा। इंग्लिश टीम द्वारा रविवार के मैच को बहिष्कार करने की संभावना से इनकार किया। लेकिन साथ ही कहा कि इस मामले में क्रिकेट की विश्वसनीयता दांव पर लगी हुई है। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) आईसीसी और हम यही चाहते हैं कि खेल पर ये सारे विवाद हावी न हो जाएं इसलिए यही बेहतर है कि आरोपी खिलाडी न खेलें। पाकिस्तानी खिलाडियों पर लगे स्पॉट फिक्ंसग के आरोपों के बीच ब्रिटिश कस्टम अधिकारियों ने काले धन को सफेद बनाने के मामले में एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। |
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