| | पादरियों की ‘पवित्रता’ का हुआ खुलासा | | | |
|  | | | |
| | |
तिरुवनंतपुरम। चर्च , कॉन्वेंट में पादरियों द्वारा सेक्स से जुडी अंदरूनी सच्चाई एक बार फिर सामने आ गई है। इस बार एक पूर्व कैथोलिक फादर ने अपनी नई किताब में पादरियों के सेक्स जीवन और कॉन्वेंट में समलैंगिक संबंधों का खुलासा किया है। इस नई किताब में साफ लिखा गया है किस तरह चर्च से जुडे शिक्षण संस्थानों में पैसे का खेल होता है और समलैंगिक संबंध बनते हैं। साथ ही ननों के दैहिक शोषण का भी इसमें खुलासा किया गया है। विवादों को जन्म देने वाली यह किताब है हेयर इज द पार्ट ऑफ द प्रीस्ट और इसमें राज को उजागर किया है 11 साल तक पादरी के पद रहे केपी शिबु कलमपरमबिल ने।
शिबु ने अपनी किताब में कैथोलिक समुदाय में अपने जीवन काल के बारे में लिखा है।पिछले साल आई सिस्टर जेस्मी की किताब आमीन , एक नन की जीवनी में भी ननों के जीवन की आलोचना की गई थी। ननों और पादरियों के जीवन पर नई किताब लिखने वाले 39 वर्षीय शिबु 24 वर्षों तक कैथोलिक समुदाय से जुडे रहे। वह 13 साल तक सेमिनरी में पढे और फिर 11 साल तक पादरी रहे। इस साल मार्च में कैथोलिक समुदाय को छोडने वाले शिबु इस समय दोहा में इंडियन स्कूल में पढाते हैं। वो मूल रूप से कोच्चि के नजदीक अंगामैली के रहने वाले हैं। शिक्षण संस्थानों में भी पैसों का घोटाला बडे स्तर पर होता है। शिबु लिखते हैं कि पादरियों को पाप स्वीकारोक्ति सुनने के बाद वो इस नतीजे पर पहुंचते हैं कि लगभग 60 फीसदी पादरी, सेक्स संबंधों में लिप्त रहते हैं। |
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
| |
| |