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चंडीगढ। हरियाणा के बहुचर्चित रूचिका गिरहोत्रा छेडछाड और खुदकुशी मामले में दोषी एपीएस राठौर को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को राठौर की डेढ साल की सजा बरकरार रखते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि राठौर का कृत्य शर्मनाक है और यदिउसे रिहा किया जाता है या उसकी सजा कम जाती है , तो आम लोगों का इंसाफ से भरोसा उठ जाएगा। राठौर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। करते हुए पैरोल पर रिहाई की अपील की थी। राठौर ने अपने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए पैरोल पर रिहा किए जाने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन हाईकोर्ट ने उसकी याचिका को खारिज कर दिया। रूचिका गिरहोत्रा खुदकुशी मामले में चंडीगढ की निचली अदालत ने राठौर को डेढ साल की सजा सुनाई थी। |