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भोपाल। अपेक्स बैंक में 100 बेनामी खाते खोले गए हैं। बेनामी खातों की संख्या इससे कही ज्यादा भी हो सकती है। आयकर विभाग की जांच में अभी तक 100 बेनामी खाते मिलने की पुष्टि हुई है। फिलहाल आयकर विभाग के जांच शाखा की बेनामी खातों को लेकर कार्रवाई जारी है।
आयकर सूत्रों के अनुसार रायसेन जिले के सहकारी निरीक्षक डीडी वैराग्यी और दलाल अशोक मिश्रा के सहयोग से मप्र और बिहार के ठेकेदारों का काला धन जमा किया जाता था और इस काले धन को सफेद बनाने के लिए एफडी का तरीका का अपनाया जाता था। एक्सिेस बैंक के 50 करोड के घपले की जांच में इस तथ्य की पुष्टि हुई है। आयकर सूत्रों का यह भी कहना है कि अगर यह घपला सामने नहीं आता, तो इस तरह से काले धन को सफेद धन में आसानी से परिवर्तित किया जा सकता था।
कमीशन का खेल
आयकर सूत्रों की माने तो अशोक मिश्रा की मदद से काले धन अपेक्स बैंक में जमा किए जाते थे और फि र इस धन का एफडी करके दूसरे बैंक में डाल दिया जाता था। इस कार्य में रायसेन जिले के सहकारी निरीक्षक वैराग्यी मुख्य रूप से मदद करता था। इस बात का आयकर विभाग को पुख्ता प्रमाण मिला है। साथ ही आयकर सूत्रों के अनुसार की माने तो अपेक्स बैंक , भोपाल में वैराग्यी की छवि दमदार है।
साफ्टवेयर की मदद से जांच
आयकर विभाग द्वारा एआईआर साफ्टवेयर की मदद से बडे लेन - देन वाले एकाउंटों की जांच की जा रही है। आयकर सूत्रों का कहना है कि इस साफ्टवेयर की मदद से विगत दस सालों का रिकार्ड आसानी से खंगाला जा सकता है। |