| | पानी की उम्मीद पर फिरा पानी | | | |
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पर्याप्त बारिश नहीं होने से आशंका जताई जा रही है कि राजधानी में पीने के पानी का संकट पैदा हो जाएगा। शहर के तालाबों में जलस्तर की स्थिति संतोषजनक नहीं कही जा सकती। उधर , नर्मदा परियोजना की स्थिति काफी लुंज-पुंज है। सितंबर में लोगों को एक दिन छोडकर पानी दिया जा रहा है। इस माह भी यदि पर्याप्त बारिश नहीं हुई और हालात यही रहे तो सोचिए आगे क्या होगा?
भोपाल। बडी झील का जलस्तर एक पखवाडे में महज .3 फिट तक ही बढ पाया। कोलार डेम की स्थिति भी हु-ब-हू यही है। जलस्तर नीचे खिसकने से भूमिगत जलस्रोतों से पानी मिलने की उम्मीद पर अभी से पानी फिरने लगा है। ऐसे में राजधानी में पेयजल के लिए संकट की घडी है। यदि नवंबर तक नर्मदा जल नहीं मिला तो स्थिति और बिगड सकती है। इसके बाद दो-चार दिन छोडकर भी पानी मिल पाना मुश्किल होगा। हालंाकि, बीएमसी के साथ-साथ रहवासियों को आसमां से अभी उम्मीद है।
कहां से कितना पानी
कोलार डेम से प्रति दिन 32 एमजीडी पानी की सप्लाई हो रही है। बडी झील से 6 एमजीडी और भूमिगत जलस्रोतों से कुल 2 से 3 एमजीडी पानी की सप्लाई हो रही है। यह स्थिति तब है, जब नगर निगम के आंकडों में प्रति व्यक्ति के हिसाब से 225 लीटर पानी की सप्लाई की जा रही है।
आज कम मिलेगा पानी
भोपाल। राजधानी में गुरुवार को जल प्रदाय प्रभावित रहेगा। एमएसीटी और मंडीदीप फीडर पर बिद्युत खराबी आ जाने के कारण कोलार प्लांट के तीनों पंप चार घंटे तक बंद रहे। कोलार लैब में रखरखाव का काम चलने के कारण एमएसीटी फीडर से शट डाउन लिया गया था इस कारण साढे चार बजे मंडीदीप फीडर से कोलार पंप को बिजली की सप्लाई शुरू हो गई थी। लेकिन बाद में मंडीदीप फीडर की भी बिजली बंद हो गई। कोलार पंप के तीनों मोटर को चार घंटे तक बंद करना पडा। शाम आठ बजे लाइट आने के बाद पंपों को शुरू किया गया। पंपों को चालू करने पर लाइनें भरना शुरू हुईं। देर रात्रि तक पानी भोपाल शहर तक पहुंच सका। इस कारण गुरुवार को जिन इलाकों में जल प्रदाय का टर्न है वहां कम दबाव में पानी की सप्लाई होने की संभावना है।
यहां पडेगा प्रभाव
एमएसीटी फीडर पर बिजली गुल हो जाने से शहर के कई क्षेत्रों में जल प्रदाय प्रभावित हो सकता है। शिवाजी नगर 1464, नेहरू नगर, कोटरा, गोविंदपुरा, बैरागढ ईदगाह हिल्स के कुछ इलाके, 74 बंगला, पुलिस लाइन, 45 बंगला, व शास्त्री नगर में शुक्रवार को पानी सप्लाई करने का टर्न है लेकिन इन क्षेत्रों में कम दबाव व देर से नल आने की संभावना है। इस तरह यहां के लोगों को दोहरी मार झेलनी पडेगी। यानी शुक्रवार को कम दबाव से पानी की सप्लाई होगी और उस के दूसरे दिन उन क्षेत्रों में पानी की सप्लाई का टर्न नहीं होगा। ऐसे में उन्हें तीसरे दिन पानी मिल सकेगा। |
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