| | हर एक मरीज स्वाइन फ्लू जांच को आतुर | | | |
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भोपाल । राजधानी में महामारी बनती जा रही बीमारियों के कारण जहां विभिन्न तरह की दवाओं की मांग बढ गई है, वहीं इसका पुराना स्टॉक समाप्त होने को आ रहा है। नई दवा नीति के तहत किए गए अनुबंध से अभी तक नई दवाएं अस्पतालों को प्राप्त नहीं हो सकी है। इन दवाओं का इंडेन एक माह पहले तमिलनाडु भेजा गया है। इनमें से केवल ओआरएस के पैकेट ही प्राप्त हुए हैं।
भोपाल। राजधानी में स्वाइन फ्लू से मौत का आंकडा 9 पर पहुंच गया है। इनमें तीन लोग भोपाल के हैं, जबकि अन्य 6 मरीज बाहर से रेफर होकर आए थे। स्वाइन फ्लू के लक्षण भी अन्य बीमारियों की तरह होने से अब स्थिति यह बन गई है कि अस्पताल पहुंचने वाला हर बुखार, खांसी और सर्दी के मरीज भी अपने संतोष के लिए स्वाइन फ्लू की जांच कराना चाहता है। डॉक्टर भी मरीज को कौन कौन सी जांच के लिए लिखें। हालांकि मलेरिया की जांच तो लगभग सभी बुखार के मरीजों की हो रही है।
इनको है खतरा
चिकित्सकों के अनुसार जिन लोगों की रोग प्रतिरोधी क्षमता कम होती है। उन्हें गंभीर बीमारियों के वायरस का खतरा सर्वाधिक रहता है।
डेंगू के भी छह मरीज पॉजीटिव
राजधानी में स्वाइन फ्लू के साथ ही डेंगू ने भी जोर पकड लिया है। बुधवार को जिला मलेरिया कार्यालय में 6 संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। डेंगू के पॉजीटिव आए इन चार मरीजों में 3 बीएमएचआरसी, 2 सुदिति नर्सिर्ंग होम एवं 1 हजेला अस्पताल में भर्ती हैं, जिनका इलाज चल रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. पद्माकर त्रिपाठी ने बताया कि इन पर नजर रखी जा रही है।
इन्हें स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है।
क्या कहते ह डॉक्टर
नियमित रूप से कम से कम आधा घंटे तक शारीरिक व्यायाम करने और योग करने से शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता बढती है और बीमारियों के वायरस से बचाव होता है। लोगों को इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
-डॉ . वीके शर्मा, अध्यक्ष मेडिसिन
विभाग , हमीदिया अस्पताल
लोगों को भीड वाल इलाके से बचना चाहिए , क्योंकि वायरस का खतरा ऐसी जगहों म ही ज्यादा रहता है।
-डॉ . अंजनि चहान
सामान्य बुखार , सर्दी, खांसी के मरीजों को बीमारी से डरने की जरूरत नहीं बल्कि लडने की जरूरत है। बेवजह की दहशत से मानसिक दबाव बढता है। नियमित इलाज कराने और दवाओं के सेवन से व्यक्ति स्वस्थ हो जाता है।
-डॉ . एके द्विवेदी
छह निजी चिकित्सालय
स्वाईन फ्लू के परीक्षण और उपचार के लिए 6 अन्य निजी चिकित्सालयों को अधिकृत किया जाएगा। यह निर्णय कलेक्टर निकुंज कुमार श्रीवास्तव ने स्वाईल फ्लू की रोकथाम और उपचार प्रबंधन के लिए गठित जिला टास्क फोर्स की बैठक में लिया। उन्होंने कहा कि आमजन स्वाईन फ्लू से घबडाए नहीं बल्कि इनके लक्षणों को समझे और इसको फैलने से रोकने में सावधानियां बरतें। बैठक में जिन 6 निजी अस्पतालों को चिन्हित किया गया है उनमें आयुष्मान, चिरायु मेडीकल कॉलेज, जेके अस्पताल, मिरेकल, एलबीएस ओर पॉलीवाल शामिल हैं। इसके अतिरिक्त बैठक में सभी अधिकृत अस्पतालों के लिए पुनः परीक्षण कार्यक्रम चलाने तय किया गया वहीं निजी अस्पतालों के पैरामेडीकल स्टाफ को स्वाईल फ्लू टीका लगाने तथा टीमोफ्लू दवाई और आईसोलेशन वार्ड में पलंगों की उपलब्धता पर भी चर्चा की गई। |
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