पटना । बिहार में नक्सलियों द्वारा बंधक बनाए गए चार पुलिसवालों के बदले 8नक्सलियों को छोडने की मोहलत बुधवार शाम खत्म होने के बाद नक्सलियों ने इसके लिए नई डेडलाइन दी है। नक्सलियों ने अब राज्य सरकार को गुरुवार सुबह 10 बजे तक की मोहलत दी है। इस बीच, पुलिस ने कहा है कि बंधक पुलिसवालों को छुडाने के लिए कार्रवाई चल रही है।
पुलिसकर्मियों की खोज का काम तेज
माओवादियों द्वारा अपहृत चार पुलिसकर्मियों की खोज के लिए गहन अभियान चलाया जा रहा है। उनकी रिहाई के बदले में आठ उग्रवादियों को छोडने के लिए चरमपंथियों द्वारा तय की गई समयसीमा खत्म हो चुकी है। आईजीपी (अभियान)केएस द्विवेदी ने लखीसराय से बताया कि अपहृत पुलिसकर्मी कहां हैं,इस बारे में हमें कुछ महत्वपूर्ण सूराग मिले हैं और हमें अपना अभियान सफल होने की उम्मीद है। माओवादियों की मांग के बारे में उन्होंने बताया कि वे सभी न तो कट्टर नक्सली हैं और न ही माओवादी कमांडर हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अभियानों पर नजर रखे हुए हैं। सीआरपीएफ अपहृत पुलिस कर्मियों की हेलीकॉप्टर की मदद से पहाडी इलाके में तलाश कर रही है।
मेरे पापा को छोड दो
पटना। ‘मेरे पापा को छोड दो’। यह मार्मिक अपील नक्सलियों द्वारा अगवा बिहार लखी सराय के पुलिस थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर अजय के एक बेटी ने की है। इस बेटी ने नक्सलियों से अपनी गुहार में कहा कि मेरे पापा को छोड दो, वे बहुत अच्छे इंसान है। प्लीज उन्हें छोड दीजिए। इसी तरह की अपील अन्य परिवारों ने भी की है।
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