भोपाल। राष्ट्रमंडल खेलों में बडे स्तर पर भ*ष्टाचार की परतें खुलने के बीच राष्ट्रीय खेल से खिलवाड का एक बार फिर खुलासा हुआ है,जिसमें कहा गया है कि अर्जटीना में महिला विश्व कप खेल रही देश की टीम की आधी खिलाडी अनफिट हैं तथा सरकार को इसकी जानकारी है। बावजूद टीम में बदलाव नहीं करना क्या देश के साथ खिलवाड नहीं है।
इस पूरे मामले का रहस्योद्घाटन भारतीय महिला हॉकी टीम की करीब दो साल मैनेजर रहीं मधु यादव ने मंगलवार को किया। उन्होंने राज एक्सप्रेस को जबलपुर से फोन पर बताया कि महिला विश्व कप में शिरकत करने गई राष्ट्रीय टीम की सीनियर खिलाडी फिजीकली अनफिट हैं। जिसकी रिपोर्ट उन्होंने समय-समय पर हॉकी इंडिया को सौंपी है। पिछले छह विदेशी दौरों की रिपोर्ट में मधु यादव ने सीनियर हॉकी खिलाडियों के फिजीकली फिट न होने तथा परफोरमेंस खराब होने का विधिवत जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि सभी सीनियर खिलाडियों ने टीम में एक कॉकस बना लिया है जो हमेशा अपना वर्चस्व बनाए रखना चाहतीं हैं। विरोध करने वाले अधिकारी एवं कोच की तब तक शिकायतें की जाती हैं जब तक कि उसे हटवा नहीं देतीं।
एक सवाल के जवाब में टीम की चयनकर्ता भी रहीं मधु ने कहा कि कैंप की 30 खिलाडियों में से 18 को चुनना भी एक समस्या रही है जिसमें से सात गोलकीपिंग करतीं हों। भारतीय हॉकी टीम की पूर्व कप्तान मधु यादव ने कहा कि चयन समिति में तीन और सदस्य(ओलंपियन रूपा सैनी, सीता गुसाई और बलवीर सिंह) रहते हैं। हमारे अकेले विरोध से क्या होता? बताते हैं कि मधु यादव का जिन सीनियर खिलाडियों की ओर इशारा है उनमें कप्तान सुरिंदर कौर, गोलकीपर दीपिका मूर्ति, सुभद्रा प्रधान, विनीता टोपे और असुता लाकरा आदि शामिल हैं।
बकौल मधु यादव सीनियर खिलाडियों ने उनके खिलाफ शिकायत की कि उन्हें (मधु यादव को) इंग्लिश नहीं आती। और हमें ऐसी मैनेजर की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि विश्व कप टीम के साथ जो कोच एवं सपोर्टिर्ंग स्टाफ भेजा गया है वह अनुभवहीन है। गौरतलब है कि हॉकी इंडिया ने हाल ही में मधु को अस्थाई मैनेजर और चयन समिति पैनल से बाहर कर दिया है। वहीं अर्जेंटीना में चल रही महिला विश्व कप में भारतीय टीम पहले मैच में हालैंड से 7-1से परास्त हुई। जिसे हॉकी के जानकार भी टीम के साथ गए कमजोर कोचिंग स्टाफ की वजह मान रहे हैं।
शास्त्री टूर्नामेंट से भी बाहर रखा था सीनियर्स को
करीब दो साल पहले लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप के लिए चुनी गई देश की राष्ट्रीय टीम में भी कप्तान सुरिंदर कौर सहित करीब छह सीनियर खिलाडियों को खराब परफोंरमेंस की वजह से शामिल नहीं किया गया था। दिल्ली के शिवाजी स्टेडियम में आयोजित हुए इस टूर्नामेंट में मलेशिया, अजरबेजान और इटली की टीम ने शिकरत की थी। जहां सीनियर खिलाडियों की अनुपस्थिति के बावजूद मेजबान भारत विजेता बना था। |