ग्वालियर। प्रदेश के तीन शहरों में कहर बरपाने के बाद स्वाइन फ्लू ने अंचल में भी अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। जहां शिवपुरी निवासी बबीता नामक महिला की मौत हो चुकी है,वहीं भितरवार निवासी संगीता शर्मा की रिर्पोट भी पॉजीटिव आई है। चिकित्सकों के अनुसार संगीता की स्थिति ठीक है। बिडला हॉस्पिटल में 22 अगस्त को बबीता नामक महिला की मृत्यु हो गई थी। इस महिला में स्वाइन फ्लू पॉजीटिव पाया गया था और इसके बाद से ही बिडला हॉस्पिटल में भर्ती होने वाले स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे थे। अभी तक बिडला हॉस्पिटल से स्वाइन फ्लू की जांच के लिए छहसैम्पल भेजे गए हैं, जिनमें दो की रिर्पोट पॉजीटिव आई है।
सामान्य है स्थितिः भितरवार निवासी संगीता शर्मा नामक गर्भवती महिला की रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की एक टीम भितरवार गई थी। इस टीम में शामिल चिकित्सकों ने संगीता के पति एवं आसपास रहने वाले लोगों का परीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। संगीता के निवास व आसपास क्षेत्र के रहवासियों की स्थिति सामान्य है।
गर्भवती महिलाएं हो रही हैं संक्रमितः अभी तक अंचल में जिन दो मरीजों के स्वाइन फ्लू संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, वह दोनों ही महिलाएं गर्भवती हैं। इसके अलावा प्रदेश में भी अभी तक स्वाइन फ्लू से संक्रमित होने वाले मरीजों में गर्भवती महिलाओं की संख्या अधिक है। चिकित्सकों के अनुसार गर्भवती महिलाओं में प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। इसके अलावा एनीमिया की शिकायत होने के कारण भी गर्भवती महिलाएं स्वाइन फ्लू से संक्रमित हो रही हैं। चिकित्सकों ने गर्भवती महिलाओं को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।
गर्भवती महिलाओं के लिए सुझावः चिकित्सकों ने गर्भवती महिलाओं को सुझाव देते हुए कहा कि भीड भरी जगहों पर जाने से परहेज करें, सर्दी, जुकाम होने पर तुंरत स्वाइन फ्लू परीक्षण के लिए अनुबंधित अस्पताल में जाकर परीक्षण कराएं, झोला छाप डॉक्टरों के पास जाने से बचें तथा अपने मन से किसी भी दवाई का सेवन नहीं करें।
स्वाइन फ्लू नहीं सहायक बीमारियां बन रही मौत का कारण
लोगों के मन में स्वाइन फ्लू को लेकर अजीब भय देखा जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार इस बीमारी से डरने की नहीं बल्कि सावधानी की जरूरत है। अभी तक जो मौत हुई हैं वह फ्लू से नहीं उसके साथ होने वाली अन्य बीमारियां जैसे, टीवी, निमोनिया एवं अस्थमा से हुई हैं। इसलिए इनके मरीजों को सतर्कता की जरूरत है। प्रदेश में अब स्वाइन फ्लू से संक्रमित होने वाले 22 लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन इनमें एक भी मरीज सिर्फ स्वाइन फ्लू से ही नहीं मरा है। जिनकी मृत्यु हुई है, उन्हें पहले से ही टीवी, निमोनिया, अस्थमा, एचआईवी, कैंसर एवं अस्थमा, दमा की शिकायत थी। मरने वालों में गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। इस तरह के मरीजों को हाई फिक्योंसी मरीज कहा जाता है और इनको विशेष एहतियात की जरूरत होती है। फ्लू होने के बाद मनुष्य शरीर से प्रतिरोधक क्षमता घटने लगती है, मरीज के शरीर में मौजूद अन्य बीमारियों के कीटाणु ताकतवर हो जाते हैं। यही वजह मरीज की मौत का कारण बनती है। |