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बेखौफ मौत के सौदागर
On 9/2/2010 1:40:36 PM

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ग्वालियर। यूं तो ग्वालियर में पेन किलर बाम से लेकर शराब तक का नशा खूब होता है,लेकिन पिछले कुछ महीनों में शहर स्मैक के नशे में डूबता जा रहा है।

लोगों को मौत के मुंह तक पहुंचाने वाले इस जहरीले नशे का कारोबार शहर में दर्जनों स्थान पर हो रहा है। जिसकी जानकारी पुलिस प्रशासन को भी है, मगर पुलिस भी इनके खिलाफ तभी कार्रवाई करती है, जबकि उसके पास हिस्सा नहीं पहुंचे। यही कारण है कि नशे के जरिए लोगों को मौत के रास्ते पर ले जाने वाले ये मौत के सौदागर बेखौफ धंधा कर रहे हैं। स्मैक के नशे का सबसे बडा जाल उपनगर ग्वालियर में फैला हुआ है, क्योंकि यहां नशे के सबसे ज्यादा शौकीन बसते हैं और यहीं से शहर में कई दलालों को स्मैक की सप्लाई होती है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक ग्वालियर पुलिस थाने में आरक्षक से लेकर एएसआई तक नशा कारोबारी हर महीने पच्चीस से चालीस हजार रुपए की सिक्योरिटी मनी (सुरक्षा शुल्क) बांटते हैं और मौत के सौदागरों से सुरक्षा शुल्क बटोरने वाले यह वर्दीधारी अपने अधिकारियों को पैसा देने की बात कहते हैं। यही कारण है कि सौ रुपए की पुडिया में मौत बेचने वाले इन लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं करती। पिछले दिनों ग्वालियर थाना पुलिस ने एक-दो लोगों को स्मैक का कारोबार करने वालों को गिरफ्तार भी किया है, लेकिन यह कार्रवाई क्षेत्र में फैले स्मैक के कारोबार के मुकाबले नाकाफी साबित हुई है। 

यहां हैं स्मैक प्वाइंट

सुभाषपुरी, घासमंडी

शीतला गली, छोटा बाजार

सोडा का कुंआ, किलागेट

जहांगीर कटरा, किलागेट

पच्चीपाडा, किलागेट

मैदाई मोहल्ला, किलागेट

गुदडी मोहल्ला, लोहामंडी

गोसपुरा, हजीरा

रंगियाना मोहल्ला 

रोजाना पांच लाख का कारोबार

नारकोटिक्स विभाग से जुडे एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक शहर में हो रहे स्मैक के कारोबार की जानकारी उन्हें मिलती रहती है, लेकिन कई बार पुलिस के नकारात्मक रवैए के कारण कार्रवाई नहीं हो पाती। उनके अनुसार शहर में विभिन्न स्थानों पर स्मैक की एक पुडिया सौ से डेढ सौ रुपए में मिलती है और ग्वालियर में इन दिनों रोजाना पंाच लाख रुपए तक की स्मैक खपाई जा रही है।

नशेडियों से भरी पडी हैं सडकें

शहर में नशेडियों की संख्या इतनी बढ चुकी है कि हर गली के नुक्कड से लेकर प्रमुख चौराहों पर लोगों को नशा करते देखा जा सकता है। कोई पेडों के नीचे स्मैक, कोकीन और इंजेक्शन तो कोई फुटपाथ पर और कोई वीआईपी बनकर अपनी कार के बोनट पर शराब पीता मिल ही जाता है। इतना ही नहीं कई नशेडी तो नशा करने के बाद शहर की नालियों में पडे दिखाई देते हैं, लेकिन फिर भी पुलिस प्रशासन या आबकारी विभाग कोई कार्रवाई नहीं करता।

किस नशे से क्या नुकसान

स्मैकः इस नशे से लीवर, किडनी खराब हो जाते हैं और स्मैक लेने वालों को पागलपन के दौरे पडते हैं।

शराबः इससे शरीर में संक्रमण फैलने के साथ कैंसर हो जाता है और लीवर व किडनी डैमेज हो जाते हैं।

इंजेक्शनः कई प्रकार के नशे इंजेक्शन के जरिए किए जाते हैं ऐसा नशा करने वाले लोग हैपेटाइटिस बी व एड्स के शिकार होते हैं।

कोकीनः यह नशा सीधे तौर पर दिमाग को प्रभावित करता है। इसलिए इसके आदी नशेडियों को बे*न हेमरेज एवं लकवा की बीमारी होती है।

तंबाकूः सस्ते नशे में शुमार तंबाकू हार्ट फेल करती है और गले व मुंह का कैंसर भी हो जाता है।

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