|
बरेली । विभिन्न खेलों में खिलाडी प्रतिभाएं समेटे बरेली क्षेत्र में खेल सुविधाओं, स्टेडियम का अभाव बना हुआ है। शासन स्तर की खेल प्रतियोगिताएं जिला मुख्यालय के आसपास सिमटी रहने से खेल प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर नहीं मिल पाता है। जिले में हॉकी की नर्सरी के रूप में विख्यात बरेली का हॉकी मैदान आम रास्ता बना रहने के साथ हमेशा कीचड, पानी गंदगी से भरा रहता है। कालेज अन्य स्कूलों में सुविधा युक्त मैदान न होने से छात्र खिलाडी अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन नहीं कर पाते है।
खेल गतिविधियॉ शून्य ः शास . पीजी कालेज, शा. कन्या शाला सहित अन्य मा. शालाओं के छात्र-छात्राओं के बीच खेल गतिविधियां शून्य बनी रहती है। शा. बालक हायर सेकेण्ड्री के मैदान पर छात्र अपने दमखम से वास्केट बाल, हेण्डवाल, वालीवाल खेलते रहते है।
निर्देश हवा हवाई ः शासकीय स्कूलों में प्रतिदिन सूर्य नमस्कार , व्यायाम, खेल गतिविधियां होने के निर्देश हवा हवाई बने हुए है। शासकीय स्कूलों में अंदरूनी खींचातान के कारण छात्र-छात्राओं के वौधिक, शारीरिक विकास की गतिविधियां जिम्मेदारों द्वारा उदासीनता, रूची न लेने से नगण्य बनी हुई है।
होती है खेल प्रतियोगिताएं ः नगर में प्रति वर्ष ईनामी हॉकी , वालीवाल, क्रिकेट की प्रतियोगिताएं स्थानीय खेल प्रेमियों के दमखम, आपसी सहयोग से आयोजित की जाती है। जिनमें प्रदेश के विभिन्न स्थानों से टीमें सम्मिलित होती है। नगर के छात्रों, युवाओं में हॉकी, वालीवाल, हेण्डवाल, कबड्डी के प्रति आज भी अत्याधिक लगाव बना हुआ है।
किया नाम रौशन ः हेण्डवाल , वालीवाल में नगर के छात्रों, युवा खिलाडियों ने राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच कर नगर का नाम रौशन किया। इसके बाद भी प्रतिभाओं को खेलने की सुविधाओं खेल मैदान, स्टेडियम का अभाव बना हुआ है।
नहीं बन सका स्टेडियम ः हॉकी मैदान अत्याधिक छोटा है जहां हॉकी की प्रतियोगिताएं होती है। शा . कालेज के पास समतल अनेक भूमि है। पुलिस के पास भी लम्बा चौडा मैदान है। इन दोनों स्थानों पर खिलाडियों, खेल प्रेमियों के लिए सुविधापूर्ण स्टेडियम का निर्माण किया जा सकता है।
संचालित नहीं गतिविधियांः खेल एवं युवक कल्याण विभाग , नेहरू युवा केन्द्र जिनके माध्यम से बाडी, बरेली, उदयपुरा, देवरी क्षेत्र की खेल प्रतिभाएं आगे आ सकती है। संस्थाओं की इस संपूर्ण क्षेत्र में सक्रियता न होने से अनेक खिलाडी, युवा, छात्राएं अपने ही दमखम पर अल्प सुविधाओं के आगे बढने का प्रयास करती है। क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं की भरमार बनी हुई है। उचित मंच, अवसर रूपी प्रतियोगिताएं ही उन्हें आगे आने का अवसर प्रदान कर सकती है। |