| | खौफनाक हुआ फ्लू | | | |
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भोपाल। देश में पहली बार दो सुअरों में स्वाइन फ्लू (एन1एच1) के वायरस होने की पुष्टि हुई है। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा सकता है कि स्वाइन फ्लू सुअरों के माध्यम से ही मनुष्यों में फैलता है। भोपाल स्थित देश की एक मात्र हाई सिक्यूरिटी एनीमल डिजीज लेबोरेटरी इंडियन वेटरिनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट के संयुक्त संचालक एससी दुबे ने इस बात की पुष्टि की है।
कहां के कितने सेंपल
दुबे के अनुसार प्रयोगशाला में 11 प्रदेशों से जानवरों के 1372 सैम्पल आए थे जिनमें से मात्र दो ही पाजीटिव पाए गए। प्रयोगशाला में जिन प्रदेशों से सैम्पल आए थे उनमें महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, आंध*प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उडीसा, उत्तरप्रदेश, नागालैण्ड, असम, तमिलनाडु और मेघालय हैं।
सूबे में अब 27 हुए शिकार
प्रदेश में स्वाइन फ्लू के कारण बुधवार को सात और मरीजों की मौत की सूचना के बाद अभी तक इस वजह से मरने वालों की संख्या बढकर 27 हो गयी है। आधिकारिक सूत्रों केअनुसार भोपाल के अस्पतालों में इलाज के दौरान अभी तक नौ मरीजों की और इंदौर में 12 मरीजों की मृत्यु हुयी है। इसके अलावा जबलपुर में पांच और एक मरीज की ग्वालियर में मृत्यु हुयी है। दरअसल इन अस्पतालों में आसपास के इलाकों के भी पीडित मरीज पहुंच रहे हैं। इंदौर और भोपाल में भी आसपास के इलाकों से एच1एन1 से पीडित मरीज इलाज के लिए आए थे और अभी भी कुछ मरीज भर्ती हैं।
92 में एच1एन1 पाजिटिवः
मध्यप्रदेश में बुधवार तक 249 लोगों के स्वाब के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं, जिनमें से 92 में एच1एन1 वायरस पाए गए हैं।
कितना फैला स्वाइन फ्लू
लेबोरेटरी इंडियन वेटरिनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट के संयुक्त संचालक एससी दुबे ने बताया कि वर्ष 2009 से अभी तक दुनिया में स्वाइन फ्लू से अभी तक 18500 से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है। हिन्दुस्तान में 34115 मरीजों में स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हुई है जिनमें से 1646 से अधिक मरीजों की मृत्यु हुई है।
दुनिया भर में हाहाकार
सबसे पहले एच 1एन1 वायरस का सर्वाधिक असर वर्ष 1918 में हुआ था और उस समय पूरे विश्व में 50 मिलियन व्यक्तियों की मृत्यु इस बुखार के कारण हुई थी। यह वह समय था जब इस बीमारी का पर्याप्त इलाज उपलब्ध नहीं था जबकि आज इस वायरस की दवा पूरे विश्व में उपलब्ध है।
कहां के हैं सुअर
दुबे ने बताया कि तमिलनाडु से हाल ही में आए दो सेम्पलों में एच 1एन1 के वायरस पाए गए हैं और यह पहली बार है जब सुअरों में एच1एन1 के लक्षण पाजीटिव पाए गए हैं। हालांकि उन्होंने यह बताने से इंकार किया कि सुअर किस क्षेत्र के थे। उनका कहना था कि दोनों सुअर किसी फार्म हाउस के थे और उनके शरीर में जो वायरस पाए गए वे अत्यंत कमजोर थे और कुछ ही समय के इलाज के बाद दोनों सुअर ठीक हो गए थे। दो सुअरों में एच1एन1 वायरस पाए जाने के बाद उनके परीक्षण के लिए एक टीम तमिलनाडु भेजी गई थी लेकिन तब तक वे ठीक हो गए थे। |
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