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नई दिल्ली । पाकिस्तान द्वारा अपने कब्जे कश्मीर का अधिकार चीन को देने संबंधी खबरों के बाद हालांकि पाकिस्तान और चीन दोनों ने ही निराधार बताया है, लेकिन कश्मीर में चीनी सैनिकों की मौजूदगी की खबर को अमेरिका की ओर से एक बार फिर सही बताया है।
अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञ सीरिंग ने गुरुवार को गिलगिट से खुलासा किया कि पीओके में चीन की जबर्दस्त पैमाने पर उपस्थिति है। चीन ने यहां बडे पैमाने पर निवेश किया है और समुद्र के रास्ते पश्चिम एशिया पर शिकंजा कसने के लिए काराकोरम में निर्माण कार्य करा रहा है। इसमें लगे हजारों लोगों के बीच ही चीनी सैनिक भी शामिल हैं। चीन चर्चित ‘स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स’ की नीति के जरिए भारत के पडोसी देश को अपना मित्र बनाकर उसे ठिकाने लगाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि चीन एक तरफ तो वह अपने आर्थिक और सैन्य हितों की सुरक्षा कर रहा है तो दूसरी तरफ भारत को संतुलित करना चाह रहा है।
चीन का फौजियों की तैनाती से इनकार
चीन ने पाक अधिकृत कश्मीर के गिलगित इलाके मे 11 हजार सैनिकों के जमावडे की खबरों का जोरदार खंडन किया है। चीन ने कहा है कि ये खबरें आधारहीन हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि कुछ लोग भारत-पाक या भारत-चीन के रिश्तों मे दरार पैदा करने के लिए इस तरह की भ्रामक खबरें फैला रहे हैं। बुधवार को चीन में पाकिस्तानी राजदूत मसूद खान ने भी चीनी सेना की तैनाती की खबरों का खंडन किया था। खान के अनुसार गिलगित में चीनी सेना की तैनाती की खबरें कोरी अफवाह हैं। |