गड़बड़ा गया है प्रकृति का पारंपरिक चक्र*सुप्रीम कोर्ट ने बीच का रास्ता निकाल दिया*भारत-चीन के बीच जंग असंभव*चेन्नई की घटना से सबक ले समाज*फिर बनाने होंगे 1953 जैसे हालात*सीबीआई जया के खिलाफ पहुंची सुप्रीम कोर्ट*पॉल हॉलीवुड वॉक ऑफ द फेम से सम्मान*शाहरूख से मिलने के लिए बेताब प्रशंसक*सबसे शक्तिशाली लेजर केंद्र बनाएगा रूस*पेरू में बाढ़ से 14 मरे, 22 प्रांतों में परिवहन ठप*
सीबीआई जया के खिलाफ पहुंची सुप्रीम कोर्ट
अभी तक भारत के लिए रहस्य बना है एडिलेड
ओडिशा में नक्सली हमला, BSF के चार अधिकारी शहीद
मंत्री ने अपने क्षेत्र में बंद कराई बिजली, रोका अखबार
मुख्यपृष्ठ राष्ट्रीय विश्व शहर  व्यापार खेल मनोरंजन शिक्षा सम्पादकीय क्लासिफाइड Appointment पत्रिकाएँ आज का पंचांग
अब रामलला की पूजा पर भी महंगाई की मार
On 9/2/2010 9:40:05 PM

Change font size:A | A

Print

E-mail

Comments

Rating

Bookmark

अयोध्या। विवादित श्रीराम जन्मभूमि में प्रतिष्ठापित रामलला की पूजा-अर्चना पर भी महंगाई की मार का असर देखा जा रहा है। प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने विवादित परिसर के पदेन प्रभारी और फैजाबाद के मंडलायुक्त से इसके लिए पैसा बढाने की गुहार लेगाई है। दास ने अपने पत्र में कहा है कि पूजा-अर्चना के लिए स्वीकृत पैसा कम है। इस पैसे से पूजा-आरती करने में कठिनाई हो रही है इसलिए इसे बढाया जाना चाहिए। उन्होंने पुजारियों के वेतन को भी बढाने की मांग की है।

पूजा का बजट

दास ने कहा है कि पूजा आदि के लिए 43 हजार 600 रुपए प्रति माह स्वीकृत है। इतने कम पैसे में विधिवत पूजा-अर्चना चलाना कठिन हो रहा है, क्योंकि देसी घी और फूल आदि काफी महंगे हो गए हैं। 6 दिसंबर 1992 को ध्वस्त हुए विवादित ढांचे के बाद बने अस्थायी मंदिर में रामलला की नियमित पूजा-अर्चना और भोग आरती चल रही है। इसके लिए 43 हजार 6॰॰ रुपए महीने स्वीकृत है। इसी पैसे में एक प्रधान पुजारी और चार सहायक पुजारियों को वेतन भी दिया जाता है। प्रधान पुजारी को पांच हजार रुपए मासिक मिलता है, जबकि अन्य पुजारियों और कर्मचारियों को दो से तीन हजार रुपए तक दिए जाते हैं। एक अनुमान के तहत 23 हजार रुपए प्रतिमाह इन लोगों के वेतन पर ही खर्च हो जाते है।

डेढ लाख की चढौत्री

दिलचस्प बात यह है कि मेकशिफ्ट स्ट्रक्चर के पास रखे दानपात्रों में करीब डेढ लाख रुपए प्रतिमाह एकत्र होता है। यह पैसा सरकारी खजाने में जमा होता है। यह पहला मौका नहीं है, जब प्रधान पुजारी ने वेतन और पूजा-अर्चना के पैसे बढाने की मांग की है। दास ने बताया कि समय-समय पर उनके वेतन में वृद्धि की गई है। उन्होंने स्वीकार किया कि दो साल पहले उन लोगों का वेतन बढाया गया था। उनका कहना है कि दानपात्रों से मिलने वाले पैसे से ही रामलला की पूजा-अर्चना और उन लोगों के वेतन आदि का खर्च निकल सकता है।

Post Comments
More News
..तो 12000 करोड़ की डी कंपनी...
देश की संप्रभुता पर था 26/11...
पृथ्वी ने चीरा आसमान...
राजनीति के खातिर...
‘आकाश’ को बनाया जाएगा बेहतर...
इंद्रा ने भंवरी को नेताओं के...
किताब के रूप में सामने आएगा ...
टाटा की कारें 12,000 रुपए तक...
मैटाडोर खाई में गिरी, 20 लोग...
यात्री को क्षतिपूर्ति के रूप...
भंवरी मामले में कांग्रेसी सा...
मुसलमान भेजेंगे अन्ना को संस...
हमारी जमीन पर चीन का कब्जा...
विदेशी गिफ्ट लेने से बचते है...
वैलेंटाइन डे नहीं हफ्त-ए-हया...
किसानों ने फ्री में बांटे प्...
अवैध विदेशी पिस्तौल के साथ ज...
शराबी पायलट का लाइसेंस रद्द...
देश में बाघों के शिकार में आ...
’अखिलेशवाद’ से लोहिया तंबू म...
रेल यात्रियों को मिलेगा कंफर...
कहीं भ्रष्ट को बचाती सत्ता त...
अब नजर दूसरे माओवादियों पर...
धान पैदावार में बिहार ने चीन...
 सम्पर्क करें  विज्ञापन दरें आपके सुझाव संस्थान
© Copyright of Rajexpess 2009,all right reserved.
Developed & Designed By: