| | हंगामे से आजिज मीरा की वन टू वन पॉलिसी | | | |
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नई दिल्ली । मानसून सत्र में हंगामे के कारण कोई कामकाज नहीं होने से दुखी लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार शीतकालीन सत्र में कार्यवाही के सुचारू संचालन के लिए ‘वन टू वन’ मुहिम शुरू की है। मीरा कुमार ने कुछ समय से इस नई रणनीति पर काम करना भी शुरू कर दिया है। लोकसभा अध्यक्ष ने पिछले दिनों बिहार और आंध* प्रदेश समेत कई राज्यों के सांसदों को अपने आवास पर न केवल रात्रिभोज के लिए आमंत्रित किया बल्कि इफ्तार की दावत की भी मेजबानी की थी। उन्होंने लोकसभा के मौजूदा पूर्व अध्यक्षों के सम्मान में एक रात्रिभोज भी दिया था जिसमें सोमनाथ चटर्जी, पी ए संगमा और शिवराज पाटिल समेत सात पूर्व अध्यक्ष शामिल थे। इस ‘वर्क डिप्लोमेसी’ की बात को अगर छोड भी दिया जाए तो मीरा कुमार अपने स्वभाव के अनुसार, सांसदों या उनके पति पत्नी के बीमार होने पर न केवल फूलों का गुलदस्ता भिजवाती हैं बल्कि फोन करके उनकी कुशलक्षेम पूछना भी नहीं भूलतीं।
इन दिनों लोकसभा अध्यक्ष संसद की हर चीज पर काफी संवेदनशील रवैया अपना रही हैं जिसमें न केवल लोकसभा की कार्यवाही का सुचारू संचालन बल्कि संसद परिसर का बेहतरीन रखरखाव आदि भी शामिल है। सूत्रों ने बताया कि स्पीकर एक निश्चित अंतराल पर संसद भवन परिसर में रेलवे द्वारा संचालित कैंटीनों का दौरा भी करती हैं और वहां साफ सफाई बनाए रखने के संबंध में उनके स्पष्ट दिशा निर्देश हैं। इसके अलावा उन्होंने संसदीय गलियारे में लटक रही केबल को लेकर भी संबंधित विभाग को उचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो और साथ ही संसद की खूबसूरती भी प्रभावित न न हो। मीरा कुमार विदेशी संसदीय प्रतिनिधिमंडलों के संसद आगमन के दौरान उनके सम्मान में दिए जाने वाले भोज आदि में परोसे जाने वाले व्यंजनों , कटलरी, मेजपोशों तथा पुष्प सज्जा तक पर उनकी खास निगाह रहती है। इसी कडी में उन्होंने संसद भवन परिसर स्थित पुस्तकालय में स्थित बैंक्वेट हालों में मेजपोश आदि के रूप में चंदेरी सिल्क, टसर तथा पर्दो के लिए विशेष प्रकार के भारतीय हथकरघा निर्मित फैब्रिक का इस्तेमाल करने के निर्देश भी दिए हैं। सूत्रों ने उनके हवाले से बताया कि भारतीय संसद भारतीयता की शीर्ष पहचान है और इसीलिए यहां आने वाले देशी विदेशी मेहमानों को पूरे माहौल में महान भारतीय संस्कृति की विरासत की झलक मिलनी चाहिए।
वर्क डिप्लोमेसी
लोकसभा अध्यक्ष सभी सांसदों से सीधे मुखातिब होने की दिशा में काम कर रही हैं , ताकि संसद में कामकाज का बेहतर माहौल हो और व्यर्थ के हंगामे के कारण बहुमूल्य समय बर्बाद न हो। हालांकि रात्रिभोज के शुरूआती परिणाम अच्छे नहीं मिले हैं। |
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