| | चमक में अंधेरा | | | |
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लिंक रोड पर लगी जिस कंपनी की सोलर कैटआई लाइटें पानी के खराब होने लगी ह , उसी कंपनी से वीआईपी रोड पर लगाने के लिए नगर निगम की फिर एक हजार कैटआई की सप्लाई लेने की योजना है। इसके लिए निगम ने 40 लाख रुपए का प्रावधान किया है। पहले कंपनी द्वारा खराब क्वालिटी की कैटआई सप्लाई होने के बाद फिर उसे उफत करने के पीछे क्या राज है? इस तरह के सवाल उठने लगे ह।
भोपाल। जेनाविन सेल की सोलर कैटआई की क्वालिटी पर प्रश्न चिन्ह लगने लगा है उसी कंपनी को एक बार फिर से उफत किया जा रहा है। नगर निगम द्वारा वीआईपी रोड में चालीस लाख रुपए की लागत से सोलर कैटआई लगाई जाएगी। इसके लिए प्रावधान तैयार है , जिसे परिषद की बैठक में ले जाने की तैयारी है। विदित हो कि लिंक रोड की 57 सोलर लाइटें एक वर्ष के अंदर की खराब हो गई हैं।
200 में से 57 बंद
शहर की सडकों पर प्रारंभ में सोलर कैटआई का प्रयोग लिंक रोड में किया गया था। वहां पर नूतन कॉलेज से प्रणामी मंदिर तक 200 सोलर कैटआई लगाई गई थी, जिसमें से 57 लाइटें महीन से बंद ह। उसके बाद वन विहार रोड पर हरे रंग की सोलर कैटआई का उपयोग किया गया। निगम ने अपनी योजना के द्वितीय चरण के लिए वीईपीरोड को चुना है, जहां एक हजार सोलर कैटआई लगाई जा रही ह। इस काम के लिए निगम ने 40 लाख रुपए का प्रावधान किया है।
पांच हजार में लगती है एक
एक सोलर कैटआई की लागत लगभग पांच हजार रुपए है। इस प्रकार शहर में अब तक आठ लाख की लागत से सोलर कैटआई लगाई जा चुकी ह। इस तरह वीआईपी रोड में लगने वाली एक हजार सोलर कैटआई की कीमत लगभग 40 लाख तय की गई है। |
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