नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट की फटकार और संसद में भरोसा देने के बावजूद सरकार गरीबों को मुफ्त अनाज देने की स्थिति में नहीं है। इसकी जगह ज्यादा गरीबों को रियायती दर पर अनाज दिया जाएगा।
गुरुवार को आनन-फानन में बुलाई गई अधिकार प्राप्त मंत्री समूह की बैठक में सरकार राज्यों को 25लाख टन अतिरिक्त अनाज आवंटित करने और बीपीएल की संख्या में इजाफा करने पर तैयार हो गई। बैठक के बाद कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा इस मामले में जब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं कर लिया जाता, सरकार एक अंतरिम उपाय के तहत राज्य सरकारों को 25 लाख टन गेह तथा चावल अतिरिक्त जारी कर रही है जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे लोगों को आवंटित किए जाने वाले अनाज की कीमत पर ही दिया जाएगा। यह अतिरिक्त आवंटन अगले छह महीने के लिए है।
देश में 8 करोड हो जाएंगे बीपीएल
वर्तमान में बीपीएल श्रेणी में 6.52 करोड परिवार पंजीकृत हैं जिन्हें हर माह 35 किग्रा खाद्यान्न (चावल 5.65 रुपए किलो और गेहूं 4.15 रुपए किलो) दिया जाता है। सुधार के बाद बीपीएल संख्या बढकर 8.1 करोड हो जाने की उम्मीद है।
हद कर दी आपने
लाखों आलोचनाओं और सरकार ने अनाज बांटने का निर्णय तो लिया लेकिन यहां भी कंजूसी कर दी। सड रहे अनाज से जितना मिल जाए उतना ठीक है की तर्ज पर रियायती मूल्य वसूला जाएगा और छह माह में मात्र 25 लाख टन गेहूं-चावल आवंटित किया जाएगा। जबकि केवल पंजाब में ही 40 लाख टन चावल सड रहा है। |