नई दिल्ली । देश की सबसे प्रभावशाली महिलाओं में शुमार सोनिया गांधी के लगातार चौथी बार कांग्रेस अध्यक्ष बनने में अब महज औपचारिकता भर रह गई है। पार्टी संगठन के सभी पदाधिकारियों ने गुरुवार को अध्यक्ष पद के लिए उन्हें नामांकित किया। अध्यक्ष बनने के साथ ही कांग्रेस के 125 सालों के इतिहास में वे सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष बने रहने का इतिहास बना लेंगी।
पार्टी मुख्यालय में केंद्रीय मंत्रियों, महासचिवों, कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों ने सोनिया के नाम का नामांकन पत्र दाखिल किया। केंद्रीय मंत्रियों में वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी, ऊर्जामंत्री सुशील कुमार शिंदे, महासचिव राहुल गांधी, मोतीलाल वोरा और वरिष्ठ नेता के.करुणाकरण भी इस मौके पर उपस्थिथ थे। इन सभी ने कांग्रेस के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ऑस्कर फर्नांडीस को नामांकन पत्र सौंपें। इससे पहले सोनिया ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की अनुपस्थिति में 10जनपथ स्थित अपने आवास पर अध्यक्ष पद पर अपने पुनर्निर्वाचन की सहमति दी। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि सोनिया शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय पहुंचेंगी और अपने निर्वाचन का प्रमाण पत्र लेंगी। राहुल गांधी तीन दिनों के अमेठी दौरे को बीच में ही छोडकर दिल्ली पहुंचे और अपनी मां सोनिया से मुलाकात की। अध्यक्ष पद के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 2 सितंबर थी। सोनिया पहली बार 1998 में कांग्रेस अध्यक्ष बनी थीं। |