लंदन। इस मसले पर टीम मैनेजर यावर सईद, लंदन स्थित पाकिस्तान उच्चायोग और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष एजाज बट अलग-अलग बयान दे रहे हैं। शनिवार को फिक्सिंग मामले के रहस्योद्घाटन के बाद खिलाडियों पर कार्रवाई को लेकर भारी दबाव के बीच टीम मैनेजर सईद ने गुरुवार को इस बात की पुष्टि कर दी कि ये तीनों दागी खिलाडी शेष सीरीज में नहीं खेल सकेंगे हालांकि उन्होंने साथ ही कहा कि इन खिलाडियों को निलंबित नहीं किया गया है। दूसरी तरफ एजाज बट ने बुधवार को कहा था कि जब तक खिलाडियों पर लगे आरोप सही साबित नहीं होते हैं तब तक उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी और वे खेलने के लिए स्वतंत्र होंगे। उन्होंने संकेत दिये थे कि तीनों संदिग्ध खिलाडी ट्वेंटी-20 और वनडे सीरीज के कुछ मैच खेल सकते हैं। इस बीच पाकिस्तान उच्चायोग ने भी खिलाडियों को शेष दौरे से बाहर रखने के निर्देश दिये हैं,लेकिन साथ ही अपने खिलाडियों को निर्दोष ठहराते हुए कहा कि इस मामले में आरोप लगाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। सईद ने कहा कि ट्वेंटी-20 के लिए टांटन पहुंची टीम में अभी किसी और को शामिल नहीं किया जाएगा और फिलहाल 13 खिलाडियों की टीम ही दोनों ट्वेंटी-20 मैच खेलेगी। उल्लेखनीय है कि 16 सदस्यीय टीम के टांटन पहुंचने के बाद उक्त तीनों को पुलिस पूछताछ के लिए वापस लंदन बुलाया गया और उनके अभ्यास पर रोक लगा दी गई थी।
दागी खिलाडी पर फैसला उनका अपनाः उच्चायुक्त
लंदन। पाकिस्तान के उच्चायुक्त वाजिद हसन ने गुरुवार को कहा कि सलमान बट,मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर को इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज से बाहर नहीं किया गया बल्कि उन्होंने खुद स्पॅाट फिक्सिंग प्रकरण में लगाए गए आरोपों से हो रहे ‘मानसिक उत्पीडन’ के कारण बाहर रहने का फैसला किया है। पाकिस्तान उच्चायोग में तीनों से मिलने के बाद हसन ने उनका बचाव करते हुए कहा कि दोष साबित होने तक वे बेकसूर हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि पिछले एक सप्ताह में जो हुआ, उससे हम बहुत परेशान हैं। खिलाडी खुद को बेकसूर बता रहे हैं। इस पूरे मामले में हो रहे मानसिक उत्पीडन का उन पर काफी असर पडा है। वह सही मानसिक स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इसलिए उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से बाकी मैचों के लिए उन्हें नहीं चुनने की अपील की है। |