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1954 में बैरंग लौटा था भारत
On 9/3/2010 12:11:45 PM

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नई दिल्ली। कनाडा के वैंकुवर में 30 जुलाई से सात अगस्त 1954 के बीच आयोजित किए गए ब्रिटिश एंपायर एवं राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने केवल चार सदस्यीय दल भेजा था जिसने एथलेटिक्स प्रतियोगिता की पांच स्पर्धाओं में भाग लिया था। भारत के हर एथलीट ने हालांकि निराशाजनक प्रदर्शन किया और वह स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाडी से काफी पीछे रहे थे। यह तीसरा राष्ट्रमंडल खेल था जिसमें भारत ने भाग लिया था। इससे पहले उसने 1934 खेलों में भाग लिया था जिसमें पहलवान राशिद अनवर कांस्य पदक जीतने में सफल रहे थे। वह भारत की तरफ से पदक जीतने वाले पहले भारतीय हैं। इसके बाद 1938 में भारत ने केवल भारत की तरफ से 440 गज में जोगिंदर सिंह धनौर ट्रैक पर उतरे थे, लेकिन वह हीट चार में दौड पूरी नहीं कर पाए और इस तरह से फाइनल की दौड से बाहर हो गए थे। तब आस्ट्रेलियाई रिचर्ड केविन गास्पर ने 47.2 सेकंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता था। प्रघुम्न सिंह बरार ऐसे खिलाडी थे जिन्होंने दो स्पर्द्धाओं में भाग लिया,लेकिन किसी में उन्हें सफलता हाथ नहीं लगी। चक्का फेंक में वह 41. 37 मीटर की दूरी तक ही चक्का फेंक पाए और अंतिम स्थान पर रहे थे जबकि स्वर्ण पदक जीतने वाले दक्षिण अफ्रीकी एथलीट ने उनसे दस मीटर दूर चक्का फेंका था। गोला फेंक में प्रघुम्न 11 खिलाडियों के बीच सातवें स्थान पर रहे थे। उन्होंने 13.88 मीटर दूर तक गोला फेंका था, लेकिन यह पदक जीतने के लिए काफी नहीं था क्योंकि कांस्य पदक जीतने वाला एथलीट भी 14.93 मीटर की दूरी नापने में सफल रहा था।

इंग्लैंड के जान एंड्रयू सेविज ने 16.77मीटर गोला फेंककर सोने का तमगा हासिल किया था। भारत की तरफ से ऊंची कूद में अजित सिंह भल्ला उतरे थे, लेकिन वह छह फीट की ऊंचाई नापकर 16 खिलाडियों के बीच 11वें स्थान पर रहे थे। नाईजीरिया के इमेनुएल इफीजुना ने छह फीट आठ इंच के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया था। इन राष्ट्रमंडल खेलों के बाद भारत ने हालांकि जब भी इन खेलों में भाग लिया तब वह पदक जीतने में जरूर सफल रहा। उसने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2002 में मैनचेस्टर में किया था जिसमें भारतीय दल ने 30 स्वर्ण सहित 69 पदक जीते थे।

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