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भारत बनाएगा सबसे बडी सौर दूरबीन
On 9/3/2010 12:28:53 PM

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बेंगलुरु । भारत लद्दाख में हिमालय की तलहटी में सूर्य की सूक्ष्म संरचना का अध्ययन करने के उद्देश्य से दुनिया की सबसे बडे दूरबीन बनाने जा रहा है। बेंगलुरू स्थित इंडियन इंस्ट्यिट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स (आईआईए)ने नेशनल लार्ज सोलर टेलीस्कोप परियोजना को मूर्त रूप देने के लिए तकनीकी और वित्तीय बोली के लिए निविदा जारी की है। सौर दूरबीन का डिजाइन तैयार करने व उसके निर्माण के लिए पिछले हफ्ते निविदा जारी की गई थी। दो मीटर लंबी इस सौर दूरबीन को तैयार करने में 150 करोड रुपए की लागत आएंगी। आईआईए के निदेशक सिराज हसन ने बताया कि सौर दूरबीन से सूर्य की सूक्ष्म संरचना के अध्ययन और प्रकृति के गूढ तथ्यों को समझने में मदद मिलेगी। वैज्ञानिक सबसे बडी दूरबीन और विशेष शीशे वाले उपकरणों की मदद से सूर्य की किरणों का सीधा अध्ययन करेंगे।

अमेरिका में है अभी तक की सबसे बडी दूरबीन

परियोजना में इसरो,आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ऑबजर्वेशनल साइंस,टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च एण्ड इंटर-युर्निवसिटी सेंटर जैसे संस्थान शामिल हैं। आईआईए नोडल एजेंसी के तौर पर काम करेगा। अभी दुनिया की सबसे बडा सौर दूरबीन मेक मैथ-पायरस सोलर टेलीस्कोप अमेरिका में अरिजाना में है। इसकी लंबाई 1.6 मीटर है।

पेंटिंग्स में महाभारत काल की कहानियां

काठमांडू। नेपाल में रहने वाली भारतीय अनुवादक व लेखिका कुर्ची दासगुप्ता ने नौवीं से 8वीं शताब्दी ईसा पूर्व के महाभारत काल की कहानियों को अपनी पेंटिंग्स में प्रस्तुत किया है। कौरवों-पांडवों के युद्ध,द्रोपदी,कृष्ण और गांधारी जैसे चरित्रों को ध्यान में रखकर उकेरी गई उनकी इनकी दूसरी श्रृंखला बिशॉय महाभारत का लंदन स्थित नेहरू केंद्र में सात से 10सितंबर तक प्रदर्शन होगा। दासगुप्ता 05 में कोलकाता से जाकर काठमांडू में रहने लगी थीं। नेहरू केंद्र में इन पेंटिंग्स का प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है जब भारतीय सांस्कृति संबंध परिषद वहां भारत के गणराज्य की 60वीं वर्षगांठ मना रही है। दासगुप्ता ने विश्व सिनेमा पर उनकी पेंटिंग श्रृंखला वर्ल्ड सिनेमा ये डायलॉग के लंदन में प्रदर्शन के बाद महाभारत काल पर आधारित पेंटिंग श्रृंखला बिशॉय महाभारत के लिए 2008 से ही महाभारत का अध्ययन शुरू कर दिया था।

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