ग्वालियर। अम्बेडकर पार्क के पास स्थित ऐतिहासिक गोपाल मंदिर में बिराजे राधा-कृष्ण के गहनों के बॉक्स की चाबी खो जाने से सनसनी फैल गई। चाबी गुम हो जाने से नगर निगम,प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के होश उड गए। दो घंटे बाद डुप्लीकेट चाबी से बॉक्स खोला जा सका।
सुबह साढे दस बजे महापौर समीक्षा गुप्ता पुलिस की तीन गाडियों के साथ जयेन्द्रगंज स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पहुंची। बैंक के लॉकर में से गहनों से भरा बॉक्स निकालकर कडी सुरक्षा के बीच गोपाल मंदिर में पहुंचीं। यहां एक अन्य बॉक्स में रखे खाकी लिफाफों में से चाबी निकालने का काम शुरू हुआ तो अन्य बॉक्स की चाबी तो मिल गईं, पर जिसमें करोडों के कीमत गहने रखे थे उसकी चाबी लिफाफे में नहीं थी। इतना पता चलते ही वहां मौजूद शासन-प्रशासन के नुमाइंदों के होश उड गए। सबकी जबान पर एक ही बात थी कि चाबी कैसे और कहां गुम हो गई।
करोडों के गहने से सजते हैं प्रभु
गोपाल मंदिर में बिराजे राधा-कृष्ण का जनमाष्टमी के पावन पर्व पर करोडों रुपए के जेवरातों से श्रंगाार किया जाता है। गुरूवार को जब जेवरातों से भरे बक्से को मंदिर लाया गया तो पता चला कि जिसमें जेवरात रखे हैं उसकी चाबी ही खो गई है। इतना पता चलते ही हडकंप मच गया। चाबी कै से और कहां गुम हो गई इसका पता नहीं चल सका है।
दूसरे कैशियर की देख-रेख में रखे थे जेवरात ः चाबी गुम होने की जानकारी लगते ही विभाग के कैशियर सतीश गोयल से इस बारे में जब महापौर समीक्षा गुप्ता और अधिकारियों ने पूछा तो उनका जबाव था कि पिछले वर्ष गहने कैशियर बसंत जैन रखे थे जो अब रिटायर्ड हो गए हैं। उन्हें फोन लगाया तो उनका कहना था कि चाबी वहीं कहीं होगी और वह तो बाहर हैं। कैशियर गोयल ने जब महापौर समीक्षा गुप्ता से यह कहा कि डुप्लीके ट चाबी बनवा लेते हैं तो महापौर ने इससे इंकार करते हुए नगर निगम आयुक्त नरेन्द्र बहादुर सिंह राजपूत को बुलाने के निर्देश दिए। तब तक चाबी गुम होने की शिकायत आयुक्त राजपूत को भी लग गई थी सो वह भी आनन-फानन में गोपाल मंदिर पहुंच गए और अन्य अधिकारियों को भी मौके पर पहुंचने को कहा।निगमायुक्त का फरमान मिलते ही अपर आयुक्त सुरेश शर्मा, सिटी प्लानर विष्णू खरे, सहित अन्य अधिकारी भी गोपाल मंदिर पहुंच गए। तब तक कैशियर गोयल डुप्लीकेट चाबी बनाने वाले को ले आए थे।
फोटो से किया मिलान ः करोडों रुपए के जेवरात से भरे बॉक्स की चाबी गुम होने से पूरे मंदिर परिसर में सनसनी फैल गई। सब यही सोच रहे थे कि कहीं जेवरातों के साथ किसी ने गडबड तो नहीं कर दी। बाद में जब जेवरातों के बॉक्स की डुप्लीकेट चाबी बनी और बॉक्स को खोला गया तो सबने राहत की सांस ली। इसके बाद गहनों की पूरी बारीकता के साथ जांच की गई और कोई शक न बचे इसके लिए बॉक्स में रखे जेवरातों के फोटो के साथ उनका मिलान भी कराया।
अब नए बॉक्स में रखे जाएंगे गहने ः गोपाल मंदिर के गहनों को नए बॉक्स में रखा जाएगा। यह निर्णय नगर निगम आयुक्त श्री राजपूत व अन्य अधिकारियों ने लिया है। पता चला है कि अधिकारी जेवरातों के मामले में किसी प्रकार का जोखिम नहीं उठाना चाहते इसलिए यह तय किया गया है कि जेवरात अब नए बॉक्स में रखे जाएंगे। कृष्ण जन्मोत्सव होते ही जेवरातों को कडी सुरक्षा के बीच वापस सट्रल बैंक ऑफ इंडिया के लॉकर में रख दिया जाएगा।
पता लगते ही पहुंचे सभी ः जेवरातों से भरे बॉक्स की चाबी गुम होने की खबर मिलते ही सभापति बृजेन्द्र सिंह जादौन, नेता प्रतिपक्ष शम्मी शर्मा, अपर आयुक्त सुरेश शर्मा, शिवराज सिंह वर्मा, सिटी प्लानर विष्णू खरे अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सबके चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ व स्पष्ट तौर पर दिख रही थीं। पूरे एपीसोड में महापौर समीक्षा गुप्ता काफी आक्रोशित दिखाई दीं।
आखिर कहां गई चाबी! ः राधा-कृष्ण के जेवरातों से भरे बॉक्स की चाबी कहां गई इसका पता नगर निगम अधिकारी घंटों की मशक्कत के बाद भी नहीं लगा सके हैं। चाबी पिछले वर्ष बैंक के लॉकर में रखी भी गई या नहीं यह भी पता लगाना होगा। |