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कोलकाता। पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरभ गांगुली का मानना है कि सीनियर खिलाडियों के संन्यास लेने के बाद मौजूदा कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को काफी चुनौतियों का सामना करना पडेगा। हाल ही में श्रीलंका में सम्पन्न त्रिकोणीय सीरीज में युवा खिलाडी उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। भारत सीरीज के फाइनल में मेजबान श्रीलंका के हाथों पराजित हुआ था।
गांगुली ने कहा कि अगले एक -दो वर्षों में जब सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड और वीवीएस लक्ष्मण जैसे सीनियर खिलाडी क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे तो धोनी को अब तक के अपने करियर की सबसे मुश्किल चुनौती का सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष भारत को विदेशी धरती पर पांच सीरीज खेलनी हैं और यह कप्तान धोनी तथा खिलाडियों की असली परीक्षा होगी। इसी के आधार पर कप्तान के तौर पर उनके भविष्य का फैसला होगा। गांगुली ने साथ ही कहा कि टीम की बेहतरी के लिए धोनी को बल्लेबाजी क्रम में पांचवे या छठे स्थान की बजाय थोडा ऊपर आना चाहिए। बहुत अधिक क्रिकेट खेले जाने की धोनी की शिकायत पर गांगुली ने कहा कि धोनी एक परिपक्व क्रिकेटर हैं लेकिन कई बार वह बचकाना बात कह देते हैं। यदि वह नहीं खेलेगें
तो कोई और टीम में फिट हो जाएगा। यह समय खेलने का है , आराम करने का नहीं। गांगुली ने कहा कि चयनकर्ताओं को प्रदर्शन के आधार पर खिलाडियों को चुनना चाहिए न कि उम्र के आधार पर। उन्होंने कहा कि सचिन इस उम्र में भी भारत के सबसे अच्छे खिलाडी हैं जबकि आस्ट्रेलिया में रिकी पोंटिंग का कोई जवाब नहीं है।
श्रीलंका में टेस्ट सीरीज ड्राॅ कराने में लक्ष्मण की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि केवल उम्र को आधार बनाकर टीम चुनना सही नहीं होगा क्योंकि सवाल उम्र का नहीं प्रदर्शन का है। जो खिलाडी अपने उम्दा प्रदर्शन से टीम को जीत दिलाने की क्षमता रखते हैं , उन्हीं को चुना जाना चाहिए। |