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मिल्खा ने दिलाया था राष्ट्रमंडल का पहला स्वर्ण
On 9/3/2010 8:37:04 PM

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नई दिल्ली। भारत के सबसे सफल एथलीट उडन सिखमिल्खा सिंह ने अमेरिका के वेल्स के कार्डिफ में हुए 1958 ब्रिटिश एंपायर एवं राष्ट्रमंडल खेलों में पहला स्थान हासिल कर भारत को इन खेलों में पहला स्वर्ण पदक दिलाया था।

स्टार एथलीट मिल्खा ने 440 गज स्पर्धा में 46.71 का समय लेकर दक्षिण अफ्रीका के एथलीट मैलकम क्लाइव स्पेंस को पछाडकर सोने का तमगा जीता था और यहीं से उनके स्वर्णिम कैरियर ने नई ऊंचाईयां छूनी शुरू कर दी थीं। मिल्खा सिंह ने बातचीत में कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में एथलेटिक्स में अभी तक कोई भी स्वर्ण पदक नहीं जीत सका है, जो एक तरह से देश की हालत दर्शाता है। लेकिन उस समय मेरा स्वर्ण पदक मेरे लिए काफी अहम था क्योंकि भारत ने इससे पहले कोई भी स्वर्ण नहीं जीता था।

आठ अक्टूबर 1935 को जन्में मिल्खा सिंह 1960 रोम ओलंपिक और टोक्यो में 1964 ओलंपिक में भाग ले चुके हैं। वह रोम में मैलकम स्पेंस से 0.1 सेकेंड से कांस्य पदक से चूक गए थे जबकि दो साल पहले राष्ट्रमंडल खेलों में इस दक्षिण अफ्रीकी स्टार को पछाडकर स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने 1958 टोक्यो एशियाई खेलों में दो स्वर्ण पदक हासिल किए थे। इससे पहले भारत का इन खेलों में प्रदर्शन इतना शानदार नहीं रहा था, लेकिन कार्डिफ में राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार देश को दो सोने के तमगे मिले।

 

और भारत अपनी पहचान बनाने में सफल रहा। कार्डिफ में ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धा पुराने नियमों के मुताबिक ही हुई थी और यह इन खेलों में अंतिम बार पुराने नियमों से आयोजित हुई तथा मिल्खा ने इसी स्पर्धा में पहला स्थान प्राप्त किया था। इन खेलों में 35 देशों के 1130 एथलीटों ने भाग लिया था, जिसमें भारत दो स्वर्ण और एक रजत प्राप्त कर तीन पदकों से आठवें स्थान पर रहा था। पहलवान लीला राम ने हेवीवेट 100 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था और इस तरह भारत ने पहली बार दो स्वर्ण पदक अपनी झोली में डाले। कुश्ती में ही भारत को रजत पदक लक्ष्मी कांत पांडे ने दिलाया था जिन्होंने वेल्टरवेट 74 किग्रा में दूसरा स्थान हासिल किया था। भारत ने एथलेटिक्स (12 स्पर्धाओं), कुश्ती दो स्पर्धाओं और मुक्केबाजी (दो स्पर्धाओं) तीन प्रतियोगिताओं में शिरकत की थी। भारत ने अब तक राष्ट्रमंडल खेलों में 102 स्वर्ण पदक सहित कुल 271 पदक जीता था और देश को पहला पदक आज से 76 साल पहले पहलवान राशिद अनवर ने दिलाया था। 12 अप्रैल 1910 को जन्में राशिद अनवर तब 74 किग्रा (वेल्टरवेट ) के फ्रीस्टाइल में कांस्य पदक जीतने में सफल रहे थे।

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